चंदौसी। डेढ़ साल से अटके फव्वारा चौक के निकट पालिका कार्यालय की मरम्मत और छत निर्माण के कार्य को अब विराम लगा दिया है। पुराने कार्यालय के स्थान पर पालिका अब कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी कर रही है। पालिकाध्यक्ष का दावा है कि इस कार्य का बोर्ड मीटिंग में अनुमोदन हुआ है। वहीं सभासदों ने बोर्ड मीटिंग में कॉम्प्लेेक्स बनाए जाने की स्वीकृति देने से इनकार कर किया है।
चंदौसी नगर पालिका कार्यालय 100 वर्ष से भी अधिक पुराना है। पुराने भवन की छत खराब हो गई थी। पालिका ने अक्तूबर 2020 में छत की मरम्मत का अनुमोदन कराया था। इसकी लागत करीब 12.5 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके बाद पालिका ने कई बार बोर्ड मीटिंग में परिसर में कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन सभी सभासदों ने इसे सर्व सम्मति से खारिज कर दिया था। सभी ने छत की मरम्मत कराकर पालिका कार्यालय संचालित कराने का सुझाव दिया था। पालिका ने जून 2021 में फिर से भवन की मरम्मत कराने के लिए लागत का बजट रिवाइज कर कार्यालय संचालन की कवायद शुरू की। डेढ़ साल होने को है, लेकिन अभी तक भवन की मरम्मत नहीं हो पाई।
अब पालिकाध्यक्ष दावा का है कि इस भवन की मरम्मत नहीं कराई जाएगी। फव्वारा चौक के निकट पालिका भवन के स्थान पर कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। भवन में कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव 27 अक्तूबर 2021 को हुई बोर्ड मीटिंग में पास कराया गया है। वहीं सभासदों का दावा है कि किराये संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी। नगर पालिका के भवन में कॉम्प्लेक्स बनाने की स्वीकृति उन्होंने नहीं दी है। इस पर पालिका ने अपनी सहमति से बाद में खुद ही निर्णय लिया होगा।
पांच लाख रुपये बढ़े थे रिवाइज लागत में
चंदौसी नगर पालिका की छत व भवन की मरम्मत के लिए अक्तूूबर 2020 में करीब 12.5 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। ठेकेदार ने मरम्मत के लिए काम शुरू किया, बाद में दीवारें खराब होने की बात कहकर ठेकेदार ने काम रोक दिया था। इसके बाद भवन की दीवार की हालत देखकर पालिका ने जून 2021 में भवन की मरम्मत का बजट रिवाइज किया था। पांच लाख रुपये लागत में बढ़ाकर 17.5 लाख रुपये कर दिया था। इसके बाद ठेकेदार ने छत उखाड़ दी थी। तब से अब तक छत उखड़ी पड़ी है। संवाद
सभासद बोले-पालिका कर रही मनमानी
यह भवन पुराना भवन है। चंदौसी की पहचान है। इसके स्थान पर कॉम्प्लेक्स बनाने का कोई प्रस्ताव बोर्ड मीटिंग में पास नहीं हुआ है। पालिका मनमानी कर रही है।
अभिषेक शर्मा, सभासद
27 अक्तूबर 2021 को आखिरी बोर्ड मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में कॉम्प्लेक्स बनाने पर कोई स्वीकृति नहीं दी गई थी। मीटिंग के आखिरी में सभासद, पालिकाध्यक्ष व अन्य सभी छोड़कर चले गए थे। यह गलत है।
विमल कुमार चौधरी, सभासद
पालिका कार्यालय के लिए भवन है। यह पुराना भवन है। वहीं पर पालिका कार्यालय बनना है। बोर्ड मीटिंग में कॉम्प्लेक्स बनाने पर कोई सहमति नहीं दी गई।
देवेंद्र कुमार मोनू, सभासद
पालिका अपनी मनमानी करती है। बोर्ड मीटिंग में जो प्रस्ताव अस्वीकृत हो जाते हैं, बाद में उन्हें चुपचाप स्वत: ही बोर्ड मीटिंग की स्वीकृति में शामिल कर लेती है। कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव पास नहीं हुआ।
धारा सिंह, सभासद
बोर्ड मीटिंग में पालिका कार्यालय के स्थान पर कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। सभासदों ने स्वीकृति दी थी। अब पालिका कार्यालय की मरम्मत नहीं होगी। ठेकेदार को मरम्मत का जो कार्य दिया गया था, उसे निरस्त कर दिया जाएगा।
राजकुमार, ईओ नगर पालिका, चंदौसी
पालिका के भवन की हालत उसकी मरम्मत कराने लायक नहीं थी। अब वहां पर कॉम्प्लेक्स ही बनाया जाएगा। बोर्ड मीटिंग में कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव पास हो चुका है। सभी सभासदों की उपस्थिति में उसे पास कराया गया था। चुनाव आचार संहिता हटने के बाद उसके निर्माण की कवायद शुरू की जाएगी।
इंदू रानी, पालिकाध्यक्ष नगर पालिका चंदौसी