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दोस्त के पिता को रक्त न दे पाने के मलाल में खड़ा कर दिया रक्तदाता समूह

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चंदौसी। दोस्त के पिता को रक्त न दे पाने के मलाल ने चंदौसी के युवा व्यापारी ने रक्तदाताओं का समूह खड़ा कर दिया। इस समूह को जीवन रक्तदाता संस्था नाम दिया गया है। इसकी शुरूआत 14 दोस्तों ने की थी और अब चार साल में ही समूह के साथ दिल्ली, गाजियाबाद सहित आसपास के छह शहरों में वॉलिंटियर्स जुड़ चुके हैं।
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सभी शहरों में समूह के साथ करीब 2500 से अधिक रक्तदाता जुड़े हैं। किसी भी शहर में रक्त की आवश्यकता पड़ने पर समूह से जुड़े लोग तुरंत रक्त उपलब्ध कराते हैं। समूह से जुड़े युवा रक्तदान कर जीवनदान देने में लगे हुए हैं।
चंदौसी निवासी युवा मेडिकल स्टोर संचालक अनुज वार्ष्णेय स्वैच्छिक रक्तदान करते थे। उन्होंने बताया कि करीब दस साल उनके दोस्त के पिता का एक्सीडेंट हो गया था। उस समय चंदौसी में ब्लड बैंक नहीं था। कुछ समय पहले ही वह शिविर में स्वैच्छिक रक्तदान कर चुके थे। मुरादाबाद से रक्त की व्यवस्था करने गए थे। वहां से व्यवस्था कर वापस लौटे, तब तक दोस्त के पिता का निधन हो गया था।
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इस बात का बहुत मलाल था कि वह दोस्त के पिता के लिए समय से रक्त की व्यवस्था नहीं करा पाए। साल 2017 में उन्होंने चंदौसी निवासी दोस्तों के साथ समूह बनाने को लेकर चर्चा की। उनके साथ पढ़ने वाले 13 युवक उनके साथ आ गए और उन्होंने जरूरत पड़ने पर रक्तदान करने का निर्णय लिया और समूह का जीवन रक्तदाता संस्था नाम दिया। अनुज वार्ष्णेय ने बताया कि तभी से सभी रक्तदान करते चले आ रहे हैं, चंदौसी में करीब 200 युवक उनके साथ जुड़ चुके हैं। सभी के नाम, मोबाइल नंबर व ब्लड ग्रुप की सूची तैयार है।
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