संभल। नए राशनकार्ड, पुराने कार्डों में संशोधन, आयुष्मान कार्ड आदि बनवाने का झांसा देकर लोगों से जरूरी अभिलेख लिए जा रहे हैं। बाकायदा शिविर लगाकर अभिलेख के साथ वसूली भी की जा रही है। शनिवार को नूरियो सराय स्थित प्राइमरी विद्यालय में दो महिलाएं बैठी हुई थीं। यह महिलाएं योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए अभिलेख ले रही थीं। साथ ही रुपयों की वसूली भी की। संभल पूर्ति निरीक्षक से जब नए राशन कार्ड बनवाने के लिए शिविर लगने की जानकारी की तो उन्होंने फर्जी तरीके से शिविर लगाने की बात कही। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत शनिवार को बूथों पर विशेष शिविर लगाए गए। इसी क्रम में नूरियो सराय स्थित प्राथमिक विद्यालय में पोलिंग बूथ पर विशेष शिविर लगाया गया था। शिविर में बीएलओ अपने काम में लगे हुए थे। इन्हीं के बराबर में एक टेबिल और दो कुर्सियों पर बाकायदा कर्मचारियों की तरह बैठीं दो महिलाएं लोगों से अभिलेख ले रही थीं। जानकारी करने पर पता चला कि यह लोगों से आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो प्रति और फोटो नए राशनकार्ड बनवाने, पुरानों में संशोधन कराने और अन्य तरह की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अभिलेख और रुपये ले रही थीं। जब इन महिलाओं से जानकारी मांगी तो वह सटपटा गईं।
राशन कार्ड बनवाने की हकीकत जानने के लिए जब पूर्ति निरीक्षक से बात कही तो उन्होंने ऐसे किसी भी शिविर के न लगाने की बात कही। साथ ही कहा कि यह शिविर फर्जी तरीके से लगाया गया है। इस पर वह कार्रवाई के लिए जिला पूर्ति निरीक्षक को सूचना देंगे। वह खुद इस समय अवकाश पर चल रहे हैं।
मुझे जानकारी मिली थी कि पुराने राशन कार्ड में नए नाम जोड़े जा रहे हैं तो मैं पहुंची थी। डेढ़ सौ रुपये दिए हैं। कई अन्य लोगों ने भी अभिलेख और रुपये जमा किए हैं।
परवीन, नूरियो सराय
आयुष्मान कार्ड और जॉब कार्ड बनने की जानकारी पर प्राथमिक विद्यालय पहुंचे थे। जहां कागज जमा कर दिए हैं और रुपये भी दिए हैं। अब हमें नहीं पता कि यह कार्य फर्जी किया जा रहा है कि असली किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय में कई दिनों से यह शिविर लग रहा है।
मकसूद, नूरियो सराय
नूरियो सराय में नए राशनकार्ड बनवाने और संशोधन कराने के लिए कागज लेने की जानकारी मिली है। विभाग की ओर से ऐसा शिविर नहीं लगाया जा रहा है। यह एक तरह से जालसाजी है। मैं छुट्टी पर हूं, इसलिए उप जिलाधिकारी के स्तर से कोई कार्रवाई हो सकेगी।
योगेश कुमार शुक्ला, पूर्ति निरीक्षक, संभल