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20 दिनों में क्रय केंद्रों पर हुई सिर्फ 122 क्विंटल गेहूं की खरीद

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चंदौसी के मंडी समिति में खाली बैठे गेहूं क्रय केंद्र के प्रभारी। संवाद - फोटो : CHANDAUSI
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चंदौसी। संभल जिले में किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए क्रय केंद्रों पर 20 दिनों में मात्र 122 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। सरकारी केंद्र खाली पड़े हैं। वही मंडी में आढ़ती के पास गेहूं बेचने वाले किसानों की भीड़ लगी है। इसका प्रमुख कारण निजी आढ़त पर किसानों को अधिक दाम, नकद भुगतान और सरकारी केंद्र पर गेहूं बेचने में आने वाली झंझट है।
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सरकारी केंद्र पर गेहूूं का मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल हैं, वही आढ़त पर गेहूं 2030 से लेकर 2150 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जा रहा है। इसके अलावा किसानों को नकद भुगतान भी दिया जा रहा है। सरकारी केंद्रों पर भुगतान में देरी और गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सहित अन्य झंझटों से बचने के लिए किसान निजी आढ़त को ही अपना उत्पाद बेचना पसंद कर रहा। जबकि सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने पर किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त खर्च देना पड़ता है। संभल जनपद में बीते वर्ष नौ लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी। इस वर्ष शासन ने जिले में 9.60 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। अभी तक 20 दिन में मात्र 122 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सका है।
जिले गेहूं खरीद की रफ्तार बढ़ाने के लिए विभागीय अधिकारी केंद्र प्रभारी व अन्य अधिकारियों को गांव-गांव में किसानों से जनसंपर्क करने निर्देश दिया है। आदेश है कि केंद्र प्रभारी गांव में पहुंचकर किसानों से संपर्क करें और उन्हें सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए राजी करें। इस दौरान जनसंपर्क तैयार किया जाए। इसमें किसान का नाम, गांव व नाम और किसान का मोबाइल नंबर अंकित होना आवश्यक है। इस कार्य में भी लापरवाही बरती जा रही है।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संभल विजेयता सिंह ने कहा कि मैं स्वयं किसानों से संपर्क कर रही हूं। गुरुवार को मैने पल्था मिठनपुर, महमदूपुर, अकबरपुर, मौलागढ़ गांव में प्रधान व किसानों से संपर्क किया है तथा उनसे सरकारी केंद्र पर गेहूं बेचने की अपील की। रेट कम होने और ऑनलाइन झंझट की वजह से किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने कम आ रहे हैं। किसानों से जनसंपर्क कर सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने की अपील की जा रही है।
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