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प्रधानों ने ब्लाक के मेन गेट पर ताला जड़ा, प्रदर्शन

Thu, 18 Aug 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
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प्रदर्शन
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कार्ययोजनाएं अपलोड नहीं हो पाने की वजह से तेरहवें वित्त आयोग की दस करोड़ की धनराशि बैक खाते में फंसी हुई है। इसको लेकर बीच बुधवार को संभल में ग्राम प्रधान आक्रोशित हो गए। ब्लाक मुख्यालय पर प्रधानों ने दोपहर डेढ़ बजे ताला जड़कर प्रदर्शन किया।
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चौदहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत जारी की गई धनराशि को ग्राम पंचायतों के खाते में भेजने की मांग उठाई। संभल ब्लाक में तालाबंदी आंदोलन से करीब बीस मिनट तक मेन गेट से आवाजाही बंद रही। हालांकि इस दौरान ब्लाक के कर्मचारी और खंड विकास अधिकारी अंदर काम करते रहे।

सामान्य कामकाज भले ही प्रभावित नहीं हुआ लेकिन ब्लाक परिसर में प्रधानों के प्रदर्शन से कुछ देर के लिए हंगामे का माहौल बन गया। प्रधानों ने बताया कि चौदहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धनराशि मिलनी है लेकिन अभी तक धनराशि का आवंटन नहीं हो सका है। इसलिए प्रधान आंदोलित हुए हैं। तालाबंदी और प्रदर्शन के दौरान तमाम प्रधान मौजूद रहे।   
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मार्च से लंबित हैं चार ब्लॉकों की 350 कार्ययोजनाएं 
संभल। असमोली, संभल, बहजोई, पंवासा की 350 कार्ययोजनाएं मार्च से अनुमोदन के लिए लंबित हैं। अब अप्रैल, मई, जून और जुलाई बीत गया लेकिन अभी तक अनुमोदन नहीं मिला। गांवों में विकास कार्य थम गए हैं। लोग परेशान हैं। प्रधानों का भी धैर्य जवाब दे गया।

संभल ब्लाक में 83 ग्राम पंचायतों के प्रधान परेशान हैं। संभल के साथ साथ असमोली के 77, पंवासा के 82 और बहजोई 58 गांवों की कार्ययोजनाएं भी लंबित हैं। कुल 350 गांवों के प्रधानों के लिए यह मुश्किल भरा मौका है। 

विकास कार्यों के लिए फंसे पड़े हैं 10 करोड़ रुपये 
संभल। चौदहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत 556 ग्राम पंचायतों को धनराशि मिलनी है। जिले मुख्यालय पर डीपीआरओ के पास 10 करोड़ रुपये चौदहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों पर आ चुके हैं। यह तभी जारी हो पाएंगे जब कार्ययोजनाएं अपलोड हो जाएंगी। इसीलिए अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत को धनराशि नहीं मिली है।

चौदहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत जो धन व्यय किया जाना है उसके लिए कार्ययोजना का जिलाधिकारी के स्तर से अनुमोदन जरूरी है। अनुमोदन से पहले इन्हें कंप्यूटर पर आनलाइन अपलोड किया जाना है। यह काम चल रहा है। दस दिन और लग जाएंगे।- रणधीर सिंह, डीपीआरओ, संभल।

गांव में विकास न होने से इल्जाम प्रधानों पर आ रहे है। ऐसे में हम आंदोलन न करें तो क्या करें। सांकेतिक तालाबंदी करके हमने प्रधानों के दर्द को अधिकारियों के सामने रखा है। अगर बात नहीं सुनी गई तो शासन तक जाएंगे।
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दिग्विजय सिंह भाटी, प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष।
 
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