देश के नाम 52 सेेकेंड देने का आह्वान किया गया था। इसके तहत 15 अगस्त को विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने सक्रियता दिखाई। जैसे ही राष्ट्रगान की गूंज हुई तो 52 सेकेंड के लिए लोग थम गए। सैकड़ों लोगों ने राष्ट्रगान गाते हुए देशभक्ति का जज्बा दिखाया।
वही तमाम लोगों ने राष्ट्र को नमन किया। जनता इंटर कालेज सतूपुरा के छात्र-छात्राओं ने गांव गांव जागरूकता पैदा की और उसके बाद तीस से अधिक गांवों में राष्ट्रगान के वक्त लोग जहां के तहां खड़े हो गए। मढ़न के दो मंदिरों में कांवड़ियों के जत्थों ने राष्ट्रीय ध्वज को नमन किया। कांवड़िए तिरंगे का साथ आए थे।
संभल में कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के आरिफ हिलाल ने देश भक्ति का जज्बा दिखाया। कोल्ड स्टोरेज के मजदूरों ने भी राष्ट्रगान किया। प्रमुख व्यापारी व समाजसेवी राधाकृष्ण मंगलम ने भी योगदान दिया। उनके रिलायंस पंप पर राष्ट्रगान के वक्त हाथ थम गए। सभी सेल्समैन सावधान की मुद्रा में खड़े थे। नागरिक अधिकार एवं कानूनी जागरूकता मंच, होराजाइन ग्रामोद्योग विकास समिति ने अभियान में भागीदारी की।
नागरिक अधिकार एवं कानूनी जागरूकता मंच की ओर चौधरी स्वालेहीन रजा ने कहा कि अमर उजाला मुहिम सराहनीय है। मदरसा सिराजुल उलूम में मोहम्मद मियां ने राष्ट्रगान कराया। रोडवेज बस अड्डे पर प्रभारी मोहम्मद इकबाल की पहल पर तमाम यात्री थम गए। पातालेश्वर महादेव मंदिर में तमाम श्रद्धालुओं ने राष्ट्रगान की गूंज होते ही राष्ट्र को नमन किया।
राष्ट्रगान के साथ थम गए कदम
चंदौसी। अमर उजाला व प्रधानाचार्य परिषद की मुहिम 52 सेकेंड देश के नाम का आजादी के जश्न में हर तरफ धमाल दिखा। आजादी के जश्न के बीच उत्साह और उल्लास के साथ जगह जगह ध्वजारोहण के बाद जैसे ही राष्ट्रगान शुरू हुआ। जो जहां था वहां ही थम गया।
स्कूल बच्चे, शिक्षक, सरकारी कार्यालयों का स्टाफ ही नहीं, गांव में खेत खलिहानों में काम कर रहीं महिलाएं भी देश के सम्मान में ठहर गईं। कांवड़िए, रिक्शा, टेंपो चालक, महिलाएं, किसान, मजदूर सब देश के सम्मान में ठहर गए। सावधान अवस्था में राष्ट्रगान के 52 सेकेंड आजादी के जश्न को आत्मसात कर देने वाला नजारा दिखा। पुलिस उपाधीक्षक अभिषेक यादव के तत्वावधान कोतवाली में राष्ट्रगान के शुरू होते ही पुलिस के जवान थम गए।
52 सेकेंड के लिए उपस्थित जनसमूह में आत्मीयता का नजारा देखने के लिए मिला। अकरौली के काली मंदिर के नजदीक जैसे ही राष्ट्रगान की धुन सुनाई दी। गांव की महिलाएं राष्ट्रगान की धुन सुनकर थम गईं। राष्ट्रगान पूरा होने तक 52 सेकेंड के लिए राष्ट्र के सम्मान में लीन दिखीं। अकरौली में ही किसान सहकारी समिति के तत्वावधान में राष्ट्रगान के दौरान 52 सेकेंड के लिए थम कर राष्ट्र के प्रति समर्पण दिखाया। बिजेंद्र यादव, राधेश्याम, ठाकुर देवी दास, संजीव शर्मा, हाजी मोहम्मद जान, केवल मौर्य, सोमपाल सिंह, लल्लू सिंह यादव, राजपाल मौर्य, भूरे अली, रामकृपाल शर्मा मौजूद रहे।
एबीसी मांटेसरी के शिक्षिकाओं व बच्चों ने भी 52 सेकेंड थम कर राष्ट्रगान किया। रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रगान की धुन सुनकर रिक्शा चालकों का उत्साह देखते ही बना। रिक्शा चालक समूह बनाकर सावधान की अवस्था में खड़े हो गए। अपने देश के लिए 52 सेकेंड समर्पित कर गौरवांवित किया। अनिल कुमार, निसार आलम, अकरम, विक्की, धर्मेंद्र, नरेश, राजकुमार, सतीश, वीरेंद्र, भागीरथ, विनोद, आकाश सागर, हरिओम, कालू, राहुल मौजूद रहे।
मदरसा गौसुल आलम में ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान के समय मदरसे में मौजूद जनसमूह थम गया। राष्ट्रगान के दौरान मोहम्मद फैजान अशरफी, मोहम्मद शमीउल, मोहम्मद साजिद, मोहम्मद सुआवर, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद शहादत, मोहम्मद फैजान, मोहम्मद सदाकत, मोहम्मद असजज, मोहम्मद असर, मोहम्मद नदीम, मोहम्मद तनवीर, मोहम्मद सुहैल, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद नूर आलम मौजूद रहे।
-----------------
आस्था पर भारी पड़े राष्ट्रभक्ति के 52 सेकेंड
चंदौसी। राष्ट्रगान की धुन सुनकर बेहद लंबा सफर तय कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे कांवडियों के बदायूं रोड पर कदम थम गए। आस्था और धर्म से ऊपर उठकर देेशभक्ति का नजारा देख आसपास मौजूद जनसमूह भी उत्साहित नजर आया। कांवडियों ने सावधान होकर 52 सेकेंड तक राष्ट्रगान की धुन बजने तक खड़े होकर आजादी के मायने को आत्मसात किया। पूरे नजारा ने मौजूद जनसमूह को सबसे बड़े धर्म के रूप में राष्ट्रधर्म को इंगित किया।
राष्ट्रगान संपन्न होने के बाद कांवडियों ने बम भोले के जयकारे लगाकर माहौल को भक्तिमय कर दिया। सीता रोड स्थित मूंछो वाले मंदिर पर भी कांवडियों ने राष्ट्रगान के समय भक्ति के 52 सेकेंड राष्ट्र के नाम किए। मंदिर में मौजूद महिलाएं भी राष्ट्रगान की धुन सुनकर सावधान अवस्था में खड़ी हो गईं।
-------------
फोटो के साथ