तहसील में चपरासी ने तहसीलदार और नायब नाजिर पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए डीएम को पत्र देकर स्वेच्छा सेवानिवृत्ति की गुहार लगाई है। वहीं, तहसीलदार का कहना है कि चपरासी का 30 अप्रैल को स्थानांतरण हो चुका है। उनके द्वारा लगाए आरोप गलत हैं।
तहसील में चपरासी पद पर कार्यरत नगर निवासी महेंद्र कुमार ने डीएम मनीष बंसल को पत्र देकर स्वेच्छा सेवानिवृत्ति की मांग की है। महेंद्र कुमार का आरोप है कि कुछ दिन पहले नायब नाजिर खूबचंद्र उन्हें तहसीलदार के आवास पर लेकर गए। वहां जाकर घर में सभी कार्य कराए। इसके बाद रोज शाम को आकर काम करने की बात कही। महेंद्र कुमार के मना करने पर नायब नाजिर नाराज हो गए। कुछ ही देर में तहसीलदार आ गए और नायब नाजिर से महेंद्र कुमार की रिपोर्ट बनाकर लाने को कहा। साथ ही कहा कि मैं एडीएम से कहकर तुम्हें दो मिनट में निलंबित कराता हूं। महेंद्र का आरोप है कि इस दौरान तहसीलदार ने अपशब्द भी कहे। महेंद्र कुमार ने डीएम से स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति की मांग की है।
चपरासी नजारत महेंद्र कुमार का 30 अप्रैल को स्थानांतरण हो चुका है। उनके द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। महेंद्र कुमार ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर रहे थे, जिसपर संबंधित अधिकारी से शिकायत की गई थी। जिसके बाद अब वह इस तरह के अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
-दीपक चौधरी, तहसीलदार, तहसील चंदौसी
कर्मचारी से अनुचित कार्य कराने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। अभी मुझे कोई पत्र नहीं मिला है। मैं इसकी जांच कराऊंगा। कोई भी अधिकारी किसी भी कर्मचारी पर अनुचित दबाव बनाकर निजी कार्य नहीं करा सकता। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
मनीष बंसल, डीएम, संभल