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राजकीय सम्मान के साथ हुआ मोर का अंतिम संस्कार

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पवांसा में हाईटेंशन लाइन के करंट से राष्ट्रीय पक्षी की मौत हो जाने के बाद राजकीय सम्मान के साथ अं? - फोटो : SAMBHAL
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करंट की चपेट में आए राष्ट्रीय पक्षी मोर का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
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पवांसा ब्लॉक के गांव चाचू नागल की मढ़ैया में बुधवार की रात करीब आठ बजे मोर की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने पुलिस के साथ वन विभाग को घटना की सूचना दी थी। बृहस्पतिवार की दोपहर वन विभाग की टीम ने मोर का पवांसा में उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज गौतम से पोस्टमार्टम कराया, जिसके बाद टीम ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ राष्ट्रीय पक्षी मोर का पवांसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दो साल में करंट और कुत्तों के हमले का शिकार हुए चार मोर
पवांसा ब्लॉक क्षेत्र में वर्ष-2020 से 29 जून-2022 तक चार राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो चुकी है। 20 सितंबर 2020 को पवांसा-चंदौसी मार्ग पर बीमार राष्ट्रीय पक्षी मोर की कुत्तों के हमले में मौत हुई थी। 29 अक्टूबर 2020 को गांव बसला की मढ़ैया में जंगली जानवर के हमले में मोर की मौत हो गई थी। 20 जनवरी-2021 को गांव खिरनी में स्थित बिजलीघर के परिसर में हाईटेंशन लाइन के तार पर बैठे राष्ट्रीय पक्षी की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। 29 जून-2022 में गांव चाचूनागल की मढ़ैया में हाईटेंशन लाइन के करंट से पक्षी मोर की मौत हुई है।
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हाईटेंशन लाइन का करंट लगने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थे। मोर के गर्दन पर हाईटेंशन लाइन का करंट लगा था, जिससे राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौके पर ही मौत हो गई।
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डॉ. नीरज गौतम, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पवांसा
चाचू नागल की मढ़ैया में हाईटेंशन लाइन के करंट से राष्ट्रीय पक्षी की मौत की सूचना मिली थी। तत्काल वन विभाग की टीम को भेजकर शव कब्जे में ले लिया था। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद राजकीय सम्मान के साथ मोर का अंतिम संस्कार किया गया है।
अरविंद कुमार, डीएफओ संभल
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