संभल। एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। इस कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। मंगलवार को एंबुलेंस सेवा न मिलने से मरीजों को भटकना पड़ा। प्रसव पीड़ा होने पर दो महिलाओं को एंबुुलेंस की सख्त जरूरत थी लेकिन एंबुुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरी में तीमारदार अन्य साधनों से महिलाओं को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
जिले में 102-108 और एएलएस एंबुलेंस कर्मचारी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर हैं। एंबुलेंस सेवा बंद होने से चिकित्सा सेेवा चरमरा गई है। सेवा बाधित होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को जिला अस्पताल में ऐंचवाड़ा डींगर निवासी मुकेश अपनी पत्नी सर्वेश को ई-रिक्शा से लेकर पहुंचे। पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई थी। मुकेश ने बताया कि कई बार कॉल की गई लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई।
वहीं, ठिलुपुरा गांव निवासी संजीव कुमार अपनी पत्नी नीलम को किराए के वाहन से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
आशा पुष्पा देवी ने बताया कि दस बार एंबुलेंस के लिए कॉल की गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जिसके बाद किराए के वाहन से प्रसूता को जिला अस्पताल लाया गया। एंबुलेंस चालकों की हड़ताल के चलते जिन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा उसमें से अधिकांश ने चिकित्सक से शिकायत दर्ज कराई कि कई बार 108 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल की, लेकिन चालकों ने स्पष्ट मना कर दिया। किसी तरह परेशानियों के बीच अस्पताल पहुंच पाए।