संभल में नोटबंदी का चौतरफा असर है। कारोबार चौथाई रह गया है। जूते चप्पल की दुकानों से लेकर इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रानिक्स तक के उपकरण की बिक्री घटी है। खाद बीज तथा कीटनाशक की बिक्री भी बेहद कम है जबकि यह समय बुआई का है। बड़े कारोबारियों को कच्चा माल नहीं मिल रहा। कई मजदूर वापस घरों को लौट गए हैं।
इसके चलते दिक्कतें आ रही हैं। उत्पादन लगभग ठप है। चौधरी सराय चौराहे पर स्टील बॉक्स बनाने के कई कारखाने हैं। मौका सहालग का है और बिक्री भी खूब होती है लेकिन इस बार नोटबंदी का कारोबार पर असर है। दोपहर में जब अमर उजाला टीम पहुंची तो व्यापारी मोहम्मद हुसैन अपनी दुकान पर खाली बैठे थे। मोहम्मद अहमद ने बताया कि पंद्रह वर्ष से वह बक्से बनाकर बेचने का काम कर रहे हैं लेकिन पंद्रह वर्ष में इस तरह की मंदी कभी नहीं देखी।
चौधरी सराय में संभल-बहजोई मार्ग पर नानवेज का रेस्टोरेंट चला रहे मुकर्रम के यहां पर अधिकतर टेबिल खाली पड़ी थीं। सिर्फ एक ग्राहक भोजन कर रहा था। मुकर्रम ने बताया कि एक दिन में सात आठ हजार रुपये की बिक्री नोटबंदी से पहले हुआ करती थी पर अब ग्राहक बहुत कम आ रहे हैं चौथाई कारोबार भी नहीं रह गया है।
हल्लू सराय स्थित चंद्राबीज भंडार पर कोई ग्राहक नहीं था। जबकि यह समय बुआई का चल रहा है। बीज भंडार के स्वामी संजय ठाकुर ने बताया कि इन दिनों में बीज और कीटनशानक की इतनी बिक्री होती थी कि समय नहीं मिल पाता था। अब पूरे दिन में दो से ढाई हजार रुपये की बिक्री होती है।
किस कारोबार को लगी कितनी चोट
मैंथा इंडस्ट्री को 50 करोड़ रुपये से अधिक की चोट
सर्राफा बाजार को 5 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
मीट इंडस्ट्री को 25 करोड़ से अधिक का हुआ नुकसान
हैंडीक्राफ्ट के निर्यात को 25 करोड़ का झटका
जींस के कारोबार को 05 करोड़ का नुकसान हुआ
किराना व कपड़ा बाजार समेत अन्य कारोबारों को 50 करोड़ का नुकसान
(कारोबारियों से हुई बातचीत के मुताबिक 160 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति संभल नगर में कारोबार जगत हो चुकी है)