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90% िगरावट काम-धंधे के लाले, जींस फैिक्ट्रयों में ताले

Sat, 26 Nov 2016 02:30 AM IST
राकेश कुमार/अमर उजाला, संभल
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नोटबंदी के बाद संभल नगर में जींस की सिलाई का कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। नोटबंदी से पहले के मुकाबले 90 फीसदी व्यवसाय घट गया है। इससे कारोबारी और कारीगर दोनों ही परेशान हो रहे हैं। कारोबार के टर्नओवर को पांच करोड़ से अधिक का फटका लगा है। कारखाने खाली पड़े हैं। कारीगर अपने घरों पर खाली  बैठे हैं। 
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संभल और सरायतरीन में तकरीबन हर गली मोहल्ले में जींस की सिलाई का काम होता है। इसमें दस हजार से अधिक लोग जींस की सिलाई का काम कराते हैं। जबकि, एक हजार से अधिक छोटे बड़े कारखाने हैं। किसी कारखाने में दो मशीनें हैं तो किसी में चार। कई कारखाने ऐसे हैं जहां पर 50 से 100 मशीनें एक साथ लगीं हैं और सिलाई करके देश व प्रदेश की विभिन्न मंडियों में जींस की सप्लाई की जाती है। यहां के दस हजार से अधिक कारीगार सिलाई करके अपनी रोजी-रोटी  चलाते हैं, लेकिन जब से नोटबंदी हुई है तब से दैनिक खर्चों पर भी संकट है। कारोबार भी न के बराबर रह गया है। कई कारखानों में तालाबंदी हो गई। कारोबारियों और कारीगरों के हालात खराब है। 


एक दिन में होती है दस लाख से अधिक की आमदनी ः   कारोबारी शमीम ने बताया कि जब से नोटबंदी हुई है तब से कारोबारी टर्नओवर ठप है। अगर करेंसी फ्लो होता तो चार से पांच करोड़ का टर्नओवर हो गया होता। मजदूरी की ही बात करें तो सिलाई करके संभल के तीन हजार से अधिक परिवार सिलाई करके गुजारा करते हैं। इन परिवारों की मजदूरी मारी जा रही है। कारोबारियों की मुश्किल यह है कि उन्हें अपने ही खातों से कैश नहीं मिल रहा है। इससे कारीगरों ने काम छोड़ दिया है।
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संभल से रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा जिलों की मंडियों को जींस की सप्लाई जाती है। कुछ माल ऐसा है जो दिल्ली से लेकर अहमदाबाद तक संभल के नाम से बिकता है।  नोटबंदी के बाद कारोबार 10 प्रतिशत ही रह गया है। मेरा अपना मानना है कि पिछले पंद्रह दिनों में जींस के कारोबार को पांच करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हो चुकी है।  
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समीर, जींस कारोबारी।

कारोबार पर नजर 
संभल में 10,000 से अधिक हैं सिलाई करने वाले कारीगर।
दिल्ली कोलकाता और अहमदाबाद तक जाती है संभल की जींस
संभल में जींस सिलाई के 1000 से अधिक हैं छोटे बड़े कारखाने
सिलाई के बाद आसपास की मंडियों में जींस बेचते हैं 300 से अधिक छोटे व्यापारी
संभल से मुरादाबाद, रामपुर और अमरोहा में होती है जींस की सप्लाई
बच्चों की जींस 120-250 रुपये और बड़ों की जींस 300-400 रुपये की रेंज में
दिल्ली और अहमदाबाद से आता है जींस का कपड़ा
 
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