संभल। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी डा. मुथुकुुमार बी जिला अस्पताल कोरोना से बचाव की व्यवस्थाएं परखने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उनके सामने मामला टीकाकरण में हुई घपलेबाजी का पहुंच गया। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से जानकारी मांगी तो वह जवाब नहीं दे सके। बीमार होने का हवाला देते हुए जानकारी नहीं होने की बात कही। नोडल अधिकारी इस पर खफा नजर आए। उन्होंने जांच करा सख्त कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं।
नोडल अधिकारी को जानकारी मिली कि संभल सीएचसी में एक सौ रुपये लेकर बिना टीका लगाए प्रमाणपत्र देने का मामला सामने आया है। इस टीकाकरण की घपलेबाजी में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अजय कुमार सक्सेना से पूछा कि क्या मामला है। तो वह जवाब देने के बजाए अपनी तबियत खराब होने का हवाला देते नजर आए और बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
इस पर नोडल अधिकारी ने पूरे मामले की जांच करने और कार्रवाई किए जाने के आदेश किए हैं। साथ ही कहा कि वह जिलाधिकारी से इस मामले में जानकारी करेंगे। यह मामला गंभीर है। इसमें जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मालूम हो कि अमर उजाला की टीम ने स्टिंग कर टीका लगाए बिना रुपये लेकर प्रमाणपत्र देने की घपलेबाजी उजागर की थी।