संभल। तीनों कृषि कानूनों की घोषणा के बाद उलमा ने सीएए व एनआरसी कानून को वापस लिए जाने की मांग उठाई है। साथ ही सीएए और एनआरसी कानून को वापस कराने के लिए मुस्लिम नेताओं से एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया है।
सोमवार को हिलाली सराय स्थित मदरसा सिराज उल उलूम में बैठक आयोजित की गई। इसमें मौलाना मोहम्मद मियां कासमी ने कहा कि किसानों की कुर्बानियों व जिद के आगे आखिर सरकार को झुकना ही पड़ा। प्रधानमंत्री ने माफी मांगते हुए तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की घोषणा की है। इसके लिए किसान बधाई के पात्र हैं। कहा कि मुसलमानों को भी अब किसानों की तरह सीएए व एनआरसी कानून के विरोध में मैदान में उतरना होगा। कहा कि इन कानूनों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुस्लिमों के खिलाफ माना जा रहा है।
मुस्लिम नेताओं से आह्वान किया है कि जल्द ही सीएए व एनआरसी कानूनों को वापस रद्द कराने के लिए आगे आएं। जिससे सरकार इस कानून को वापस ले सके। इस दौरान मौलाना मोहम्मद आरिफ नदवी, मास्टर मोहम्मद आकिल अंसारी आदि मौजूद रहे।