चंदौसी। के आसपास के जनपदों के साथ एनसीआर में कोरोना संक्रमित केस मिलने से कोरोना के चौथी लहर की आशंका जताई जा रही है। लेकिन इधर चले मिशन इंद्रधनुष, बोर्ड परीक्षा और लोकल परीक्षा के चलते 12 साल से 14 वर्ष आयु के किशोरों के वैक्सीनेशन में कमी आई। आंकड़े पर नजर डाले तो 22 दिनों में 2.98 फीसदी किशोरों को टीके की दूसरी डोज लगाई जा सकी है। जबकि 67.25 फीसदी किशोर टीके की पहली डोज लगवा चुकें हैं।
शासन ने 16 मार्च से किशोरों के टीकाकरण अभियान शुरू किया था। जिले में 12 वर्ष से 16 वर्ष आयु वर्ग में 94210 किशोरों को टीका लगाने का लक्ष्य दिया था। 54 दिन का समय हो चुका है, अभी तक जिले में 67.25 फीसदी युवाओं को पहली डोज लगी है। इसीक्रम में 28 दिन बाद यानि 13 अप्रैल से कोरोना से बचाव की दूसरी डोज लगानी शुरू कर दी गई है। इन 26 दिनों में मात्र 2.98 फीसदी किशोरों को ही कोरोना से बचाव की दूसरी डोज लगाई जा सकी।
विभागीय अधिकारियों की मानें, तो नियमित टीकाकरण के साथ मिशन इंद्रधनुष चल रहा है। एएनएम की ड्यूटी दूसरे अभियानों में भी लगी है। पहला मिशन इंद्रधनुष चार चरणों में चल रहा है। पहले चरण में कोरोना वैक्सीनेशन पर प्रभाव नहीं पड़ा। इसके बाद 19 से 25 मार्च पोलियो अभियान, चार से 12 अप्रैल तक मिशन इंद्रधनुष दूसरा चरण चला। इसका किशोरों के वैक्सीनेशन पर असर पड़ा। अब मिशन इंद्रधनुष का तीसरा चरण चल रहा है। यह चक्र 12 मई तक पूरा होगा।
कुल लक्ष्य- 94210
पहली खुराक- 63358
दूसरी खुराक- 2810
बोर्ड परीक्षा, मूल्याकंन व मिशन इंद्रधनुष के कार्यक्रमों का वैक्सीनेशन पर असर पड़ रहा है। परीक्षाएं निपट गई है। जल्द ही विद्यालयों में अभियान चलाकर टीकाकरण पूरा कराया जाएगा।- संजीव कुमार, डीपीएम एनएचएम संभल।