छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रोत्साहन धनराशि नहीं मिल सकी है। जिले में प्रसूताओ की संख्या पांच सौ से अधिक है। प्रोहत्साहन राशि न मिलने से सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को करारा झटका लग रहा है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 14 सौ रुपये तथा नगरीय क्षेत्र की महिलाओं को एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसके बाद भी बीते करीब छह माह से पांच सौ से अधिक प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का लाभ नहीं दिया जा सका है।
इसमें करीब दो सौ से अधिक प्रसूताएं ऐसी हैं, जिनके बैंक का खाता नंबर भी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध नहीं हो सकाहै। पूरे मामले में शासन के निर्देश हैं कि प्रसव होने के बाद त्वरित पूरी प्रक्रिया कर जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि प्रसूता लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंच जाएं। अब प्रसूता महिलाओं के बैंक खाते में समय से जननी सुरक्षा योजना का लाभ न पहुंच पाने से शासन की मंशा को करारा झटका लग रहा है। पूरे मामले में प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. सचिन वर्मा का कहना है कि बजट का इंतजार है, बजट मिलते ही लाभार्भी महिलाओं के खातों में प्रोत्साहन राशि भेज दी जाएगी। रही बात विभाग के लिए प्रसूताओं के बैंक खाता नंबर न मिलने की, तो इसके लिए आशाओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द लाभार्भी महिलाओं के बैंक खाते नंबर विभाग को उपलब्ध करा दें, जिससे कि बजट मिलते ही लाभार्थी महिलाओं के खातों में प्रोत्साहन राशि भेजी जा सके।