संभल। मतगणना के बाद राज्य और जनपद की विधानसभा सीटों की तस्वीर भी साफ हो गई है, लेकिन इस चुनाव में खास बात यह भी रही है कि जनपद की चार विधानसभा सीटों पर ताल ठोक रहे 25 प्रत्याशी ऐसे भी रहे हैं जो नोटा से भी चुुनावी मैदान में हार गए हैं। इन प्रत्याशियों को नोटा से भी कम मत मिले हैं।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जिले की चारों विधानसभा सीटों पर 42 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। बड़े व छोटे दल के प्रत्याशी और निर्दलीय भी ताल ठोंक रहे थे। इनमें से 25 बड़े व छोटे दल और निर्दलीय प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्हें नोटा से भी कम वोट मिले हैं। कांग्रेस, शिवसेना, आप के भी प्रत्याशी इसमें शामिल हैं। असमोली विधानसभा क्षेत्र के नतीजों पर गौर करें तो यहां पर नोटा पर 1788 वोट पड़े हैं। जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी मरगूब आलम को सिर्फ 1511 वोट मिले हैं। इसी तरह आप की अंजू को 815, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी गुफरान को 207, तौफीक को 264, नवकेश को 615, पवन कुमार को 493 और महावीर को 785 मत मिले।
संभल विधानसभा क्षेत्र में नोटा को 1204 मत मिले। जबकि आप के काशिफ खान को 455, शिवसेना के जाहिद को 257 और निर्दलीय प्रत्याशी अजय को 581, इकबाल को 742, अंशुल को 709, सबूर को 287 वोट मिले।
वहीं, चंदौसी विधानसभा क्षेत्र में नोटा को 2059 वोट मिले। जबकि कांग्रेस की मिथलेश को 1592, आप के सचिन को 667, आसपा के रविंद्र को 349, रापद के अनिल को 712 और निर्दलीय मंजू को 589, राजेश को 581, विजयपाल को 311 वोट मिले। इसके अलावा गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में नोटा को सर्वाधिक 2601 वोट मिले हैं। कांग्रेस के विजय शर्मा को सिर्फ 1694, आप के विजय को 517, आसपा के अनिल को 568 और निर्दलीय प्रत्याशी रामखिलाड़ी 992, लखवेंद्र को 790, हरी सिंह को 653 वोट मिले।