संभल। करीब नौ साल बाद एमजीएम महाविद्यालय में प्रबंध समिति की बैठक हुई। इसमें जहां पिछली बैठकों की कार्रवाई की पुष्टि हुई। वहीं, भविष्य के कार्यों का खाका खींचा गया। महाविद्यालय में बीएससी की उपलब्धता और एलएलबी व डीएलएड (पूर्व प्रचलित नाम बीटीसी) कोर्स को महाविद्यालय की सुल्तानपुर बुजुर्ग में खाली पड़ी भूमि पर भवन बनाकर संचालित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। व्यवस्थाएं बेहतर रहें, इसके लिए प्रबंध समिति का चुनाव कराने के लिए अध्यक्ष ने प्राचार्य को अधिकृत किया।
एमजीएम महाविद्यालय में रविवार को प्रबंध समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बताते चलें कि प्रबंध समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, उप जिलाधिकारी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, तहसीलदार सचिव हैं। इसके अलावा जो भी पद हैं, वह निर्वाचन प्रक्रिया से चुने जाते हैं। रविवार को पहला मौका ऐसा आया, जब अध्यक्ष के रुप में जिलाधिकारी संजीव रंजन प्रबंध समिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे। डीएम ने कहा कि संभल ऐतिहासिक नगरी है। शिक्षा के स्तर को बढ़ाने की आवश्यकता है। इसी कड़ी में महाविद्यालय में बीएससी की उपलब्धता और एलएलबी व डीएलएड कोर्स संचालित करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।
चयनित नए शिक्षकों का अनुमोदन किया गया।
स्ववित्तपोषित शिक्षकों के वेतन को लेकर चर्चा हुई। जन सहयोग से महाविद्यालय का विकास कराए जाने पर बल दिया गया। भाजपा नेता संजय सांख्यधर ने आयोग से नियमित प्राचार्य बुलाने की मांग के लिए तहसीलदार को पत्र सौंपा। इस दौरान उपजिलाधिकारी दीपेंद्र यादव, तहसीलदार करम सिंह चौहान, सह सचिव संजय अग्रवाल, ज्ञानप्रकाश गुप्ता, चौधरी अशरफ अली, खिलेंद्र सिंह, अशोक अग्रवाल, राजबहादुर सैनी, संजय सांख्यधर, अनंत अग्रवाल, रामकेहर आर्य, अब्दुलरहमान, राजेंद्र प्रसाद, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।