तीन तलाक को लेकर मची रार के बीच मंगलवार को संभल के उलेमा का प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव/राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल सहित कई सांसदों से मुलाकात की। तीन तलाक बिल का विरोध करते हुए उलेमाओं ने इसे पारित होने से रोकने की पैरवी की। दिल्ली से लौटकर बुधवार को प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मौलाना सुलेमान अशरफ ने कहा कि विपक्षी सांसदों के सहयोग से प्रारंभिक जीत मिल गई है। राज्यसभा में बुधवार को बिल पारित नहीं हो सका। अब बिल को राज्यसभा की प्रवर समिति के पास भेजे जाने के आसार बन गए हैं।
तंजीम उलामा-ए-एहलेसुन्नत उत्तर प्रदेश का शिष्टमंडल इमामे ईदगाह मौलाना सुलेमान अशरफ हामिदी के नेतृत्व में दिल्ली में कांग्रेस के महासचिव अहमद पटेल, बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्र, सपा के राज्यसभा सांसद जावेद अली से मुलाकात कर तीन तलाक के बिल का विरोध किया।
सांसदों को बताया कि संविधान द्वारा संरक्षित मुस्लिम पर्सनल लॉ में भाजपा की सरकार दखलंदाजी कर रही है। इसके पीछे भाजपा की सियासत है तीन तलाक का विधेयक अमान्य है और मुस्लिम समाज इसका बहिष्कार करता है। उलेमाओं ने कहा कि समूचा विपक्ष राज्यसभा में बहुमत में है, इसलिए तीन तलाक के विधेयक को पास होने से रोका जाए। जिससे भाजपा वोट बैंक की राजनीति न कर सकें। प्रतिनिधिमंडल में मौलानाओं के संग सामाजिक लोग भी थे। प्रतिनिधिमंडल में इरफान लतीफी, मौलाना जियाउल मुस्तफा, मौलाना फैजान अशरफ, हाजी वाहिद हुसैन, चौधरी शरफ खां, ताहिर खां, चौधरी मुशीर खां, शहजाद खां, शुएब वास्ती, हाजी रियाजुल हसन, हाजी मकसूद शामिल रहे।