संभल। जिले में 59,108 किसानों की सम्मान निधि त्रुटियों में फंस गई है। योजना शुरू हुए एक वर्ष बीत गया पर अभी तक किसानों के बैंक खाते में सम्मान निधि का धन नहीं आया। किसान इंतजार करते करते थक गए हैं। यह स्थिति तब है जब कृषि विभाग के अधिकारी लगातार किसान सम्मान निधि में काम करने का दावा कर रहे हैं और वह यह कहते हुए नहीं थक रहे हैं किसानों के डाटा को त्रुटिरहित कराया जा रहा है।
संभल जिले में पात्र किसानों की संख्या 2,74,840 है। इसमें 2,71,026 किसानों का डाटा प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इसमें से 2,11,908 किसानों के खाते में पहली किस्त के 2, 000 रुपये आ गए हैं। लेकिन 59,108 किसान ऐसे हैं जिन्हें पंजीकरण कराने के बाद भी पहली किस्त नहीं मिल सकी। विभागीय स्तर से यह माना जा रहा है कि इन किसानों के डाटा में कोई न कोई त्रुटि है। किसी के बैंक खाते के साथ आईएफएससी कोड सही नहीं है तो किसी किसान का नाम आधार कार्ड में लिखे नाम से मैच नहीं कर रहा है।
किसी किसान के नाम से बैंक खाते में लिखे गए नाम का मिलान नहीं हो रहा है। छोटी छोटी त्रुटियों में किसान सम्मान निधि फंस गई है। सम्मान निधि हासिल करने के लिए किसानों को कृषि विभाग से लेकर तहसील और लेखपाल तक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
संभल जिले के कई गांवों किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के 59,108 किसानों के खाते में पहली किस्त नहीं आ सकी है। जबकि 1,59,064 किसान ऐसे हैं कि तीनों किस्त के छह छह हजार रुपये हासिल कर चुके हैं। जिन किसानों को पहली किस्त नहीं मिली है वे किसान, कृषि विभाग और तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
संभल जिले में कुल किसान 2,74, 840 हैं लेकिन पंजीकरण 2,71,026 हुए हैं। इसका मतलब यह है कि 3814 किसानों का अभी पोर्टल पर पंजीकरण ही नहीं हुआ है। यह योजना 24 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधिका शुभारंभ किया गया था। इस योजना के तहत किसानों को एक साल में छह हजार रुपए दिए जा रहे हैं।