चंदौसी। नवरात्र में मां की आराधना कर नौ दिनों का व्रत रखने वाले फलाहार की थाली में पौष्टिकता का ध्यान दें, वरना नौ दिनों का उपवास उनके सेहत के लिए भारी पड़ सकता है। व्रत रखने वाले अधिकांश लोग अपने आहार पर ध्यान न देकर चिप्स और कुट्टूू के आटे की पकौड़ी खाकर रहते है। ये खाद्य पदार्थ वजन तो बढ़ाते है, साथ ही साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्या को भी पैदा करते है। ऐसे में उपवास के समय पौष्टिक पदार्थ सेहत के लिए आवयक है।
नवरात्र के समय लगभग हर घर के लोग व्रत रखते है। इसमें कुछ लोग प्रथम दिन और अष्टमी का व्रत करते है। बहुत लोग नौ दिनों का व्रत रखकर माता रानी की आराधना करते हैं। व्रत रखने वाले काफी संख्या में ऐसे लोग है तो अपने आहार के प्रति ध्यान नहीं देते। वो चिप्स, कुट्टू के आटे की पकौड़ी, कचौरी सहित अन्य तले भूने व्यंजन खाते हैं। जो शरीर का वजन बढ़ाने का काम करता है।
सीएचसी चंदौसी के चिकित्सक डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि फलाहार की थाली में ऐसा कुछ हो, जो ईश्वर के प्रति आध्यात्मिक आस्था के पहलू को पूरा करें और स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक रहे। बताया कि व्रत शरीर की पाचन क्रिया को आराम देता है। साथ ही शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को दूर करता है। इस दौरान स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े, इसका हमें ध्यान रखना चाहिए। लेकिन गलत तरीके से भूखे रहकर, असंतुलित, तले भोजन से परेशानी हो सकती है। बोले ग्लूकोज से मस्तिष्क को नियमित ऊर्जा मिलती है। यह ऊर्जा शरीर को भोजन से मिलती है, लगातार चार से आठ घंटे भूखे रखने से प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। इससे शरीर में ऊर्जा की कमी, थकान, बालों के गिरने जैसी समस्याएं शुरू होने लगती हैं।
उपवास में इन चीजों का करें ज्यादा प्रयोग
डॉ. अशरद के मुताबिक उपवास में पानी, जूस, मट्ठा, लस्सी, नारियल पानी, नींबू पानी, दूध आदि जितनी मात्रा में ले सकते हैं, लेना चाहिये। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। साथ ही शरीर में खून के बहाव को भी सही रखता है। साथ ही ये पदार्थ पाचन तंत्र को सामान्य रखने में मदद करेंगे।
खाने में करें इन सामानों का प्रयोग
साबूदाना: कार्बोहाइड्रेट से भरपूर साबूदाना तुरंत ऊर्जा देने में सक्षम हैं।
दही: शरीर को ठंडा रखने के साथ ही इसके सेवन से आप तरोताजा महसूस करते हैं।
सेंधा नमक: यह आम नमक की तुलना में ज्यादा पोटैशियम से भरपूर है। यह गैस से मुक्ति दिलाता है। आसानी से खाना पचाता है। छाती में जलन नहीं होने देता।
फलों के चाट: फलों में हेल्दी शुगर फ्रुक्टोज के साथ मेटाबॉलिज्म को तेज करने की क्षमता होती है।
ये बीमारी हो तो न रखे उपवास:
चिकित्सकों के अनुसार रक्तचाप, अल्सर, डायबिटीज, एनीमिया और दिल के रोगगियों को उपवास नहीं करना चाहिए। ज्यादा कैलोरी लेने के कारण गर्भवती स्त्रियों को और बढ़ती उम्र के बच्चों को व्रत न रखने की सलाह दी जाती है। यदि रखना हो तो स्वास्थ्य की जांच कराकर डाक्टर की सलाह पर ही रखे व्रत।