चंदौसी(संभल)। सरकारी विभागों के अधिकारियों के काम करने की शैली भी कमाल की है। जिसका नमूना जिले में देखने को मिला। एक 1.10 मीटर और एक मीटर चौड़े शौचालय के सत्यापन के लिए दो सदस्यीय टीम ने औसतन 18 दिन लगा दिए। जांच गांव बिजुआ नंगला में की गई। जहां 39 शौचालय अधूरे मिले। दोनों अधिकारियों ने 725 दिन बाद रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में सीसी रोड खराब होना और शौचालय का निर्माण कार्य पूरा न होने पर ग्राम प्रधान, तत्कालीन पंचायत सचिव, तकनीकि सहायक को पूर्णतया दोषी बताया गया। रिपोर्ट में एडीओ पंचायत की भी लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट इतने समय में शिकायतकर्ता भी अपनी शिकायत को भूल जाता है। विशेष बात ये है कि इतनी लापरवाही तत्कालीन विधायक की शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर करवाई जांच में सामने आई है।
जनपद संभल के ब्लॉक जुनावई की ग्राम पंचायत बिजुआ नंगला में शौचालय निर्माण व सड़क निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत तत्कालीन गुन्नौर विधायक ने डीएम से की थी। डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने छह फरवरी 2020 को मामले की जांच के लिए उपायुक्त श्रम रोजगार व पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता को नामित किया था। दोनों अधिकारी जांच में लगे रहे। जांच के दौरान गांव में टीम को 39 शौचालय अधूरे मिले थे। किसी की छत नहीं थी तो किसी की दीवार नहीं थी। जांच टीम ने एक सड़क की गुणवत्ता की भी जांच की थी। जांच टीम ने 31 जनवरी 2022 को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। दो सदस्यीय टीम को 39 शौचालय और एक सड़क की जांच पूरी कर रिपोर्ट देने में 725 दिन का समय लग गया। सीसी रोड खराब होने पर टीम ने 10500 रुपये की वसूली की संस्तुति की है। साथ ही शौचालय का निर्माण कार्य पूरा न होने पर तत्कालीन ग्राम प्रधान, तत्कालीन पंचायत सचिव, तकनीकि सहायक को पूर्णतया दोषी बताया गया है। रिपोर्ट में एडीओ पंचायत की भी लापरवाही बताई गई है।
58 दिन लगे कारण बताओ नोटिस भेजने में
दोनों जांच अधिकारियों ने ग्राम पंचायत बिजुआ नंगला में शौचालय व सड़क की जांच की रिपोर्ट तैयार कर 31 जनवरी 2022 को सौंप दी थी। पंचायत राज विभाग को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, तकनीकि सहायक को दोषी माना है। पंचायत राज विभाग ने जांच पूरी होने के 58 दिन बाद 30 मार्च 2022 को तत्कालीन पंचायत सचिव, तत्कालीन तकनीकि सहायक और जिलाधिकारी की ओर से ग्राम प्रधान को नोटिस भेजा गया है।
शौचालय की परिमाप
ग्राम पंचायत में निजी शौचालय निर्माण के लिए शासन से 12 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। शौचालय की लंबाई 1.10 मीटर, चौड़ाई एक मीटर, ऊंचाई 1.95 मीटर होती है। इसके अलावा पांच फीट ऊंचा दरवाजा, दो शॉकपिट (सोखता गड्ढे) बनाए जाते हैं। एक शौचालय में 850 ईंट इस्तेमाल की जाती हैं। साथ सोखता यानी गड्ढे की गहराई 1.10 मीटर और चौड़ाई (त्रिज्या) 1.10 मीटर होती है।
सीडीओ की ओर से जांच टीम नामित की गई थी। टीम ने 31 जनवरी 2022 को जांच रिपोर्ट दी थी। उस समय चुनाव प्रक्रिया चल रही थी। अब ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकि सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर आगे की कार्रवाई कराऊंगा।
जाहिद हुसैन, जिला पंचायत राज अधिकारी संभल