संभल। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग ने स्वास्थ्य विभाग के होश उड़ा दिए थे। निजी अस्पतालों में कालाबाजारी तक की गई। मांग इतनी बढ़ी कि कालाबाजारी के साथ ही चोरी की घटना तक सामने आईं। अब इस इंजेक्शन का स्टॉक जिले में एक्सपायर होने की कगार पर है। एक्सपायर होने से पहले शासन को वापस भेजा जाएगा।
ओमिक्रोन का खतरा बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है। तैयारियों को परखा जा रहा है। वर्तमान समय में स्वास्थ्य विभाग के पास 621 रेमडेसिविर की डोज हैं। इसमें 160 डोज 31 जनवरी 2022 को एक्सपायर हो जाएंगी। एक्सपायरी की ओर बढ़ रहीं डोजों को स्वास्थ्य विभाग 15 जनवरी तक शासन को भेजेगा। इसके अलावा 461 डोज 2023 में अक्तूबर के महीने में एक्सपायर होंगी। कुछ डोज एक्सपायर होने से पहले ही शासन को वापस भेज दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग एक्सपायर की ओर बढ़ रहीं डोज को वापस भेजने पर ही नए स्टॉक की मांग करेगा। जिससे संभावित लहर को लेकर रेमडेसिविर का स्टॉक भी तैयार रहे।
कब करते हैं रेमडेसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल कोरोना संक्रमित मरीज पर उस समय किया जाता है जब मरीज की हालत गंभीर होती है। एक बार में एक डोज दी जाती है और करीब एक मरीज पर 5 से 6 डोज इस्तेमाल करनी पड़ती हैं।
वर्तमान समय में जिले में 621 रेमडेसिविर इंजेक्शन का स्टॉक है। इसमें भी 160 एक्सपायर होने वाले हैं। जो शासन को एक्सपायर होने से पहले भेज दिए जाएंगे। फिलहाल नए स्टॉक की मांग नहीं की गई है। दूसरी लहर के दौरान ही यह इंजेक्शन जिले में पहुंचे थे।
डा. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी, संभल