बहजोई। लखीमपुर खीरी प्रकरण के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी करते हुए डिप्टी कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
सोमवार को दोपहर 12 बजे भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी व किसान कलक्ट्रेट पहुंच गए और कलक्ट्रेट सभागार के बरामदे में डेरा डाल दिया। धीरे-धीरे पदाधिकारियों व किसानों की संख्या बढ़ने लगी। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं का कहना था कि 3 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर मार देना भारत सरकार के गृह राज्मंत्री के बेटे का अमानवीय कृत्य है। इसकी भाकियू पदाधिकारी निंदा करते हैं।
किसानों की मौत के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हत्या का मामला दर्ज किया जाए और शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। इसके अलावा गृह राज्यमंत्री को मंत्री मंडल से तत्काल निष्कासित किया जाए। वहीं मृतक किसानों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा देते हुए सरकारी नौकरी दी जाए।
तीन कृषि कानूनों को किसानों के हित में वापस लिया जाए। इसके बाद दोपहर सवा दो बजे करीब भाकियू पदाधिकारियों की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर सुधीर कुमार को सौंपा गया। ज्ञापन पर तहसील अध्यक्ष गुन्नौर अमरसिंह राजपूत समेत सत्यवीर सिंह, रामधारी, गुलफान सिंह, मुनेंद्र सिंह, रामवीर सिंह यादव, मोहर सिंह यादव, मनोज राघव, रामनिवास, हरी सिंह, दिनेश कुमार शर्मा, लायक सिंह, सचिन यादव, वीरपाल, महावीर सिंह यादव, रामाशंकर शर्मा हनुमान, कुमरपाल यादव, अफसर अली व चंद्रपाल सिंह यादव आदि के नाम हैं।