संभल। जिलाधिकारी ने जिले के सभी गांव में एक सप्ताह के भीतर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। तय समय पूरा हुआ लेकिन सफाई व्यवस्था अब तक दुरूस्त नहीं की गई है। गांवों में गंदगी और जलभराव जस के तस हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही संक्रमित बीमारियों के फैलने का अंदेशा है। पंचायतीराज विभाग कर्मचारियों की कमी का हवाला दे रहा है। साथ ही कई ग्राम पंचायतों के पास बजट का अभाव है इसलिए प्राइवेट कर्मचारियों को नहीं लगाया जा सकता। सवाल यह है कि जब कर्मचारियों की कमी है तो सफाई कैसे होगी। शुक्रवार को कई गांवों में जलभराव और गंदगी से हालात बुरे नजर आए। पवांसा ब्लॉक के गांव साकिन शोभापुर में गांव के मुख्य मार्ग पर ही कीचड़ और जलभराव है। ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी समस्या है। इस गांव के निवासी राजेश प्रजापति ने बताया कि कीचड़ से संक्रमित बीमारियों के फैलने का खतरा है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। असमोली ब्लॉक के गांव गौंजनी मिलक में जलभराव और कीचड़ के हालात हैं। इस गांव में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। इस गांव के निवासी शीशपाल ने बताया कि ग्राम प्रधान ने दो महीने पहले समस्या से निजात का वादा किया था लेकिन अब तक सुधार नहीं कराया है। गांव के लोग परेशान हैं। संभल ब्लॉक क्षेत्र के गांव ततारपुर रोड में गांव के मुख्य मार्ग पर गोबर के ढेर लगे हैं। मच्छरों से गांव के लोग परेशान हैं। कई बार ग्रामीण हटवाने की मांग कर चुके लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
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सफाई कर्मचारी बने हुए हैं कार्यालयों में बाबू और अफसरों के अर्दलीय
संभल। जिलेभर की कई ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मचारियों की कमी है। लेकिन काफी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी न पूरी कर कार्यालयों में बाबू बने बैठे हैं। ऐसे में जो कमी है वह और बढ़ी हुई है। कई कर्मचारी अधिकारियों के अर्दलीय बने घूमते हैं। जब अधिकारी ही सफाई कर्मचारियों को अपने साथ लगाए बैठे हैं तो गांवों की सफाई कैसे हो पाएगी। जिला पंचायत राज अधि कारी ने पूर्व में सभी सफाई कर्मचारियों को मूल तैनाती में लौटने के के लिए नोटिस जारी किया था। साथ ही कार्रवाई की भी चेतावनी दी थी लेकिन इस आदेश का खास असर नहीं हुआ। नतीजा वही है कि अधिकारियों के कार्यायल और कारों में यह सफाई कर्मचारी दिखाई देते हैं।
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जिलाधिकारी ने एक सप्ताह का समय दिया था। तब से ही सफाई व्यवस्था दुरूस्त कराने के लिए प्रयास जारी हैं। कई गांवों में सफाई कराई जा रही है। सफाई कर्मचारियों की कमी के चलते कार्य की गति धीमी है। जल्द सभी गांवों को जलभराव और कीचड़ से निजात दिला दी जाएगी।
जाहिद हुसैन, डीपीआरओ, संभल।