बारिश से संभल तहसील के गांव सलारपुर कलां निवासी मतीन का कच्चा मकान गिर गया। इससे मतीन के पुत्र हसनैन (5) की मलबे में दबकर मौत हो गई। मकान के मलबे की चपेट में आकर मतीन के अलावा उनकी गर्भवती पत्नी शबाना, बेटी सानिया, नाजिया, बेटा मोमीन, फैजान, उस्मान गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा करीब रात आठ बजे हुआ है। हादसे की जोरदार आवाज थी और जिसको सुनने के बाद आसपास के लोग पहुंचे थे। गांव निवासी नईम ने बताया कि हादसे की जोरदार आवाज सुनकर सभी मौके पर पहुंचे थे। मलबा हटाने में करीब 20 मिनट का समय लगा। जब तक मलबा हटाया जा सका तब तक हसनैन की मौत हो गई थी।
मतीन के 18 वर्षीय बेटे मोमीन की दस महीने पहले हुए हादसे में रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। मोमीन उपचार में था। रविवार की रात हादसे के समय मोमीन चारपाई पर लेटा था। इसी दौरान छत का मलबा उसके ऊपर आकर गिरा। इसमें गंभीर चोट लगी है। रीढ़ की हड्डी में भी गंभीर चोट होने की बात चिकित्सकों ने कही है।
मतीन ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ उस समय परिवार के लोग खाना खाने बैठ रहे थे। पत्नी शबाना खाना निकाल कर दे रही थीं। जान गंवाने वाला बालक हसनैन अपने पिता के पास में ही खाना खाने का इंतेजार कर रहा था। मतीन ने बताया कि उनका बेटा साथ में खाना खाने वाला था। खाना शुरू करने से पहले ही हादसा हो गया। जिसमें बेटे की जान चली गई।
मतीन की पत्नी शबाना नौ महीने की गर्भवती हैं। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। महिला और उनके पेट में शिशु के लिए भी खतरा बना हुआ है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला को प्रसव कक्ष में देर रात भर्ती कर लिया था। महिला की हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सक निगरानी बनाए हुए हैं।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने पीड़ित परिवार के बारे में जानकारी की और मुआवजा प्रक्रिया शुरू कराने के लिए लेखपाल को निर्देश दिए हैं। घटना की जांच रिपोर्ट के बाद मुआवजा मिल जाएगा। तहसीलदार का कहना है कि मुआवजा दिलाया जाएगा। हादसे की जांच रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
हादसे में बालक की जान गई है। छह लोग घायल हैं। उनका उपचार जिला अस्पताल में कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद कराई जाएगी। - दीपक कुमार चौधरी, तहसीलदार, संभल
चंदौसी के सीता रोड स्थित निजी अस्पताल में करेली निवासी ऋषिपाल (35) की मौत हो गई। वह रंगाई पुताई का काम करता था। करीब चार दिन पहले उसे उल्टी दस्त की शिकायत हुई। परेशानी बढ़ने पर परिजनों ने उसे सीता रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
छोटे भाई गौतम ने बताया कि वह भाई के साथ रात को अस्पताल में था। सुबह के समय उसकी तबीयत खराब हुई थी। डॉक्टर को बुलाया गया, पर डॉक्टर नहीं आया। कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। सूचना पर ग्रामीण भी मौके पर आ गए और अस्पताल में हंगामा किया।