पशुओं को बचाने के प्रयास में गांव निवासी अब्बू सुहैल, माशूका अली उर्फ पप्पू भी झुलस गए। छिद्दन की पशुशाला से पड़ोस में रहने वाले शमशुद्दीन के छप्पर की रसोई में भी आग लग गई थी। उसे ग्रामीणों ने बुझा लिया। आग से रसोई में रखा सामान जल गया था। सूचना पर बनियाठेर थाना पुलिस, हल्का लेखपाल भी मौके पर पहुंच गए और जांच पड़ताल की।
मेहनत मजदूरी करता है छिद्दन, ग्रामीणों ने छप्पर डालने में किया था सहयोग
छिद्दन मेहनत मजदूरी करता है। पांच बकरी पाल रखी थी तथा ग्रामीणों के पांच कटरे बटाई यानी हिस्सेदारी पर ले कर पाल रहा था। उसकी पशुशाला पर छप्पर भी ग्रामीणों ने सहयोग कर डाला था। पशुओं के मरने से छिद्दन गमगीन है।
नहीं लगा दमकल का नंबर
ग्रामीण शमशुद्दीन, माशूक अली व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने दमकल का 101 नंबर कई बार मिलाया, लेकिन नंबर नहीं लग पाया। बाद में ग्रामीणों ने खुद ही आग बुझा ली।