चंदौसी। बच्चों के प्रवेश के समय सुविधा और परेशानी से बचाने के लिए तीन साल पहले खंड शिक्षा कार्यालय में आईं आधार कार्ड बनाने वाली आठ किटें धूल फांक रही हैं। ब्लॉक कार्यालय में रखी आधार किट कहीं खराब हैं तो कहीं इनएक्टिव हैं। बच्चों के लिए अभिभावकों को डाकघर व बैंक शाखाओं की लंबी कतार में लगना पड़ रहा है। लेकिन लाखों रुपये की लागत वालीं किटों का बच्चों व उनके अभिभावकों को लाभ नहीं मिल रहा है।
संभल जनपद में करीब 1291 प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय व कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब दो लाख 32 हजार छात्र पंजीकृत हैं। स्कूल में प्रवेश के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किए जाने पर वर्ष 2019 में शासन स्तर से खंड शिक्षा कार्यालय स्तर पर आधार बनाने वाली किटें उपलब्ध कराईं गईं थीं। लेकिन वर्ष 2019 में आईं किटें खंड शिक्षा कार्यालय में रखी शोभा बढ़ा रही हैं।
जुनावई, गुन्नौर ब्लॉक में एक भी आधार कार्ड नहीं बनाया है। पवांसा में करीब 300 कार्ड बनाए गए, बनियाखेड़ा ब्लॉक में विभाग 260 कार्ड बनाने का दावा कर रहा है। बनियाखेड़ा, जुनावई, पवांसा ब्लॉक की आधार किट खराब पड़ी है। गुन्नौर कार्यालय की किट इनएक्टिव है। असमोली, संभल ब्लॉक, रजपुरा, बहजोई ब्लॉक की आधार किट भी एक्टिव नहीं है।
करीब डेढ़ लाख की है आधार किट
आधार कार्ड बनाने वाली किट में एक लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगर स्कैनर, एक कैमरा शामिल है। एक ब्लॉक कार्यालय पर एक आधार किट शासन से भिजवाई गई थी।
आधार किट इस समय एक्टिव नहीं हैं। कोरोना के चलते आधार कार्ड बनाने का काम नहीं हो पाया था। बच्चों को परेशानी न हो, इसके लिए बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली थी और न्यायपंचायत स्तर पर दोबारा से आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए थे। जल्द ही बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे। जो मशीन खबरा हैं, उन्हें सही कराया जाएगा।
मुंशीलाल पटेल, प्रभारी बीएसए, संभल