सरायतरीन। पवांसा, किरारी और कैलादेवी विद्युत उपकेंद्र के फीडरों से गांवों को महज दो घंटे बिजली दी जा रही है, जबकि नियमानुसार 10 घंटे बिजली आपूर्ति होनी चाहिए।
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बिजली नहीं आने के कारण खेतों में आलू फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिससे किसानों में रोष पनप रहा है। उनका कहना है कि घरेलू और जंगल के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई गईं लेकिन इसके बाद भी आपूर्ति में कोई सुधार नहीं है। कृषि फीडर भी नाम के रह गए हैं।