चंदौसी। बनियाखेड़ा ब्लाक क्षेत्र के गांव दारनी में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 371 बच्चों का सूखा राशन दो जिलों के दो विभागों के बीच फंसा हुआ है। बिलारी सीडीपीओ की ओर से पूर्ति विभाग चंदौसी को भेजी गई सूची में गांव दारनी का नाम शामिल है, पर ऑनलाइन चालान न होने पर राशन का उठान नहीं कराया गया। डेढ़ साल से बच्चों को पुष्टाहार तो मिला, पर सूखा राशन (गेहूं व चावल) नहीं मिला। सूखा राशन वितरण न होने की शिकायत को अधिकारियों ने संज्ञान में नहीं लिया।
बनियाखेड़ा ब्लाक के गांव दारनी में तीन आंगनबाड़ी केंद्रों पर 371 बच्चे पंजीकृत हैं। गांव दारनी सहित करीब 28 ग्राम पंचायत आंशिक बिलारी में शामिल थीं। करीब डेढ़ साल पहले उनका परिसीमन हुआ और संभल जनपद में आ गईं। सूखा राशन (गेहूं व चावल) कोटेदार व स्वयं सहायता समूह की ओर से लाभार्थियों को बांटा जाता है। दिसंबर माह में सीडीपीओ बिलारी की ओर से सूखा राशन बांटने के लिए 28 गांवों की सूची पूर्ति विभाग चंदौसी तहसील को भेजी गई थी। सूची में गांव दारनी का नाम शामिल था, पर राशन के उठान के लिए गांव दारनी का ऑनलाइन चालान जारी नहीं किया गया। इस कारण पूर्ति विभाग चंदौसी ने अन्य ग्राम पंचायतों का सूखा राशन कोटेदार को भिजवा दिया और गांव दारनी के बच्चों का सूखा राशन रोक लिया। बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। सीडीपीओ बिलारी की लापरवाही सामने आ रही है। जबकि सीडीपीओ बिलारी की ओर से पुष्टाहार (दाल, दलिया, चना, सोयाबीन रिफाइंड) का उठान कराया गया और तीनों केंद्रों पर बच्चों को बांटा भी गया।
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गांव दारनी के तीनों केंद्रों का पुष्टाहार नियमित रूप से वितरित किया गया। सूखा राशन किसी कमी की वजह से रुक गया होगा। मैं इसकी जानकारी करूंगा। हो सकता है कि दारनी के स्थान पर किसी दूसरी दुकान का नंबर अंकित हो गया हो और राशन वहां चला गया हो। जांच कर बच्चों का राशन उपलबध कराया जाएगा।
सुरेंद्र सिंह, सीडीपीओ बिलारी।
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सीडीपीओ बिलारी की ओर से दिसंबर माह में सूची भेजी गई थी। सूची में दारनी का नाम शामिल था। पर राशन का उठान ऑनलाइन चालान से होता है। गांव दारनी का ऑनलाइन चालान नहीं था। इस कारण उनके राशन का उठान नहीं हुआ है। ऑनलाइन चालान जारी होने पर राशन का उठान करा दिया जाएगा।
सजनलाल गुप्ता, पूर्ति निरीक्षक चंदौसी।