संभल। जिला न्यायाधीश भानु देव शर्मा की अध्यक्षता में जिला न्यायालय चंदौसी व बाह्य न्यायालयों में लोक अदालत का आयोजन किया गया। परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना वादा अधिकरण, राजस्व चकबंदी न्यायालय, बैंक आदि के 3881 वादों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। साथ ही 1.90 करोड़ रुपये का प्रतिकर व अर्थदंड वसूला गया। बैंकों द्वारा समझौते के आधार पर 88 लाख 31 हजार 800 रुपये की धनराशि प्राप्त की गई।
जिला विधि सेवा प्राधिकरण की नोडल अधिकारी सिविल जज बबीता पाठक ने बताया कि जिला जज भानु देव शर्मा ने एक वाद का निस्तारण किया तथा एक लाख 15 हजार का अर्थदंड वसूला। पीठासीन अधिकारी एमएसीटी जगदीश कुमार ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण के 41 वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्ष को एक करोड़ 86 लाख सात हजार 131 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय चंदौसी कालीकरण द्वितीय ने पारिवारिक मामलों के कुल 59 वाद निस्तारित किए।
अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट चंद्रमणि मिश्रा ने 491 वादों का निस्तारण किया तथा 31 हजार 500 रुपये अर्थदंड वसूला। अपर सत्र न्यायाधीश/रेप एंड पाक्सो निर्भय नारायण राय ने एक वाद का निस्तारण किया तथा 400 रुपये अर्थदंड वसूला। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौसी कमलदीप ने 1725 वादों का निस्तारण करते हुए एक लाख 26 हजार 430 रुपये अर्थदंड वसूला। सिविल जज सीनियर डिविजन /नोडल अधिकारी बबिता पाठक ने 22 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज सीनियर डिविजन मयंक त्रिपाठी ने दस वादों का निस्तारण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विरेक अग्रवाल ने 350 वादों का निस्तारण करते हुए 16 हजार 900 रुपये का अर्थदंड वसूला। सिविल जज जूनियर डिविजन विजय प्रकाश ने 33 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज जूनियर डिविजन श्वेतांक चौहान ने 567 वादों का निस्तारण कर 60 हजार 500 रुपये का अर्थदंड वसूला। अपर सिविल जज जूनियर डिविजन शिवानी ने 261 वादों का निस्तारण कर 53 हजार 470 रुपये का अर्थदंड वसूला। सिविल जज जूनियर डिविजन गुन्नैर पीयूष मूलचंदानी ने 320 वादों का निस्तारण 50 हजार 850 रुपये का अर्थदंड वसूला। रामबहादुर सिंह पर स्टेट बैंक का 3.70 लाख रुपये बकाया था, इसमें समझौते के आधार पर बैंक ने 1.40 लाख रुपये माफ कर दिया गया। राजस्व न्यायालय द्वारा 4220 वादों का निस्तारण किया गया। जनपद संभल के बैंकों के द्वारा 260 मामलों का निस्तारण 88 लाख 31 हजार 800 रुपये की धनराशि समझौते के आधार पर प्राप्त की गई।