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गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान, चिंता में किसान

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संभल। तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण गेहूं की अगेती और सरसों की फसल गिरने के कारण किसानों को नुकसान हुआ है। इससे किसान चिंतित हैं। वहीं, अब पाला भी किसानों को परेशान कर रहा है। कृषि विभाग ने फसलों पर राख का छिड़काव करने की सलाह दी है। ताकि पाला का असर फसल पर कम हो।
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जनपद में बुधवार से बिगड़े मौसम के मिजाज के बाद शुक्रवार तक हवा की तेज रफ्तार और हल्की बूंदाबांदी होने से शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। इसके अलावा गेहूं, सरसों, आलू, मटर, गोभी की फसल को नुकसान भी हुआ। किसानों ने बताया कि गुरुवार को बारिश के बाद खेतों में पकने के लिए खड़ी सरसों की फसल पर माहू रोग लगने का डर सता रहा है। जिसकी वजह से किसान चिंतित हैं।
वहीं, आलू की फसल करने वाले किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। पहले बारिश और तुषार ने और अब बारिश संग ओलों ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। पहले ही आलू की फसल 30 फीसदी से ज्यादा बर्बाद हो चुकी है। अब ओलों की वजह से झुलसा रोग ने हमला कर दिया है। किसानों ने कहा कि बेमौसम बारिश और हवा से सरसों की फसल खेतों में बिछ गई है। आलू की फसल को भी नुकसान हुआ है। पछुआ हवा के कारण ठंड के तेवर तल्ख होते जा रहे है। हालांकि शनिवार को दोपहर में कुछ धूप खिली तो राहत उम्मीद की जाग गई है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डा. महावीर सिंह का कहना है कि इस समय फसलों पर कोई कीटनाशक का छिड़काव न करें और संभव हो अलाव जलाएं, जिससे कुछ पाला कम हो सके। फसल में राख का भी छिड़काव कर सकते हैं, इससे पाला कम असर करता है। ताकि फसल सुरक्षित रह सके।
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