संभल। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि आदि के चलते फसलें नष्ट हो जा रही हैं। फसलों के नष्ट होने से सबसे ज्यादा बर्बादी कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों को होती है। बर्बादी से बचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। इसमें डेढ़ फीसद प्रीमियम पर फसलों का बीमा किया जाता है। प्रीमियम की बाकी धनराशि का भुगतान केंद्र व प्रदेश सरकार करेगी।
दरअसल, फसलें बर्बाद होने से किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों को बर्बादी से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू किया गया है। मामूली प्रीमियम देकर फसलों में होने वाले नुकसान से किसान बच सकते हैं। जनपद में गेहूं, सरसों और आलू की फसल का बीमा किया जा रहा है। गेहूं की प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 68153 रुपये है। इसमें किसानों को महज 1022 रुपए देना है। इसी प्रकार सरसों की बीमित राशि 62242 में 934 रुपये और आलू की 135000 में 6750 रुपये किसानों को जमा करना है। अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक निर्धारित की गई है। उप कृषि निदेशक हीरा सिंह जीना ने बताया कि बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर-2021 है।
ऋणी और गैर ऋणी किसानों को बीमा कराने के लिए खतौनी, आधार कार्ड, बैंक खाता की पास बुक की कापी, फसल लगाए जाने का घोषणा पत्र तथा संपर्क सूत्र जमा करना होगा। नुकसान का आंकलन यूपी सरकार द्वारा फसल की कटाई के बाद प्राप्त परिणाम के आधार पर किया जाएगा। क्लेम की राशि का भुगतान किसानों के खाते में किया जाएगा। यदि किसी किसान को अपनी फसल का बीमा नहीं कराना है तो अंतिम तिथि से सात दिन पूर्व बीमा में शामिल न होने का प्रार्थना पत्र संबंधित बैंक शाखा में देना होगा। बीमा कराने की जानकारी या फिर बीमा कराने के लिए किसान को इधर-उधर भटकने की जरुरत नहीं है। जिले में संबंधित बैंक शाखाएं, जनसेवा केंद्र, इफ्को टोकियों जनरल इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट या कार्यालयों में संपर्क किया जा सकता है।
किस स्थिति में मिलेगा बीमा
असफल बोआई की स्थिति में।
फसल की अवधि में प्राकृतिक आपदा के नुकसान की स्थिति में।
फसल कटाई के आधार पर प्राप्त वास्तविक उपज में गारंटी थ्रेशोल्ड उपज की तुलना में कमी होने की स्थिति में।
स्थानीय आपदा-खड़ी फसलों को ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग कारण क्षति की स्थित में।
फसल कटाई उपरांत आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाई के लिए रखी गई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, बेमौसम बारिश से क्षति की स्थिति में।
फसलों को प्राकृतिक आपदा की स्थिति में होने वाली क्षतिपूर्ति के लिए किसान बीमा कराएं। जिले में आलू, गेहूं और सफेद और काली सरसों का बीमा किया जा रहा है। 31 दिसंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। जिले में ऋणी और गैर ऋणी किसान इसके पात्र हैं। बीमा कराने के लिए पीएमएफबाई पोर्टल, वेबसाइट www.pmfby.gov.in, जनसेवा केंद्रों या फिर संबंधित बैंकों में किसानों को संपर्क करना होगा।
हीरा सिंह जीना, उप कृषि निदेशक, संभल।