चंदौसी। रेलवे स्टेशन पर शासन ने बाहर से आने वाली सभी यात्रियों की कोरोना की जांच कराने के आदेश दिए हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग हफ्ते में एक बार मुंबई से आने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस से आने वाले यात्रियों की ही जांच कराता था, लेकिन अब पिछली दो बार से नहीं कराई रही। स्वास्थ्य विभाग अपने कार्य के प्रति लापरवाह बना हुआ है।
रेलवे स्टेशन से रोजाना छह जोड़ी एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता है। जिससे प्रतिदिन 600 यात्रियों के आना-जाना होता है। इसके अलावा सप्ताह में एक बार आने व जाने वाली ट्रेनें भी चंदौसी जंक्शन पर रुककर जाती हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग केवल मुंबई से सप्ताह में एक बार मंगलवार को आने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले बड़ी संख्या में यात्रियों की कोरोना जांच कराता था। इसके अलावा अन्य किसी भी पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेन से उतरने वाली यात्रियों की कोरोना जांच नहीं कराई जाती थी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मुंबई से आने वाली ट्रेन के यात्रियों से ही कोरोना संक्रमण फैल सकता है, अन्य किसी भी ट्रेनों से आने वाले यात्रियों से नहीं। यह ट्रेन शनिवार को मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल को जाती है। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को मुंबई से आने वाली एक्सप्रेस से उतरने वाले यात्रियों की कोरोना जांच नहीं कराई है। जबकि रेलवे स्टेशन पर दिल्ली, उज्जैन, कोलकाता, बिहार आदि से आने वाली ट्रेनों से यात्री उतरते हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ सकता है।
रेलवे स्टेशन ट्रेन से उतरने वाले सभी यात्रियों की कोरोना की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। चंदौसी में मुंबई से आने वाली साप्ताहिक ट्रेन के यात्रियों की जांच बंद कर देना गंभीर विषय है। मैं इसका संज्ञान लूंगा। जांच अवश्य कराई जाएगी।
डॉ. अजय कुमार सक्सेना, सीएमओ, संभल