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कोरोना संक्रमण के बाद स्कूल पहुंचे बच्चों को फूल और गुब्बारे देकर किया स्वागत

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चंदौसी। जनपद में कोरोना संक्रमण के 48 दिन बाद गुरुवार को विद्यालय खुल गए। स्कूल पहुंचे बच्चों का फूल व गुब्बारे देकर स्वागत किया गया। पहले दिन शिक्षण कार्य के बजाय खेल स्पर्धाएं कराई गईं। पहले दिन विद्यालयों में कम ही संख्या में विद्यार्थी उपस्थित हुए। विद्यालय में कई दिन बाद अपने सहपाठियों से मिले छात्र व छात्राओं ने एक-दूसरे का हाल-चाल जाना।
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कोरोना संक्रमण बढ़ने पर शासन ने 31 दिसंबर से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए थे। इसके बाद बच्चे घर पर रहकर ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। अब 48 दिनों के बाद गुरुवार को शासन के निर्देश पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पहले दिन काफी कम संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय गांव आटा में पहुंचने पर बच्चों को गुब्बारे दिए गए तथा अनेक प्रकार की खेल स्पर्धाओं बच्चों के मध्य कराई गईं। पूरे दिन बच्चों ने पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद कर बिताया।
गुरुवार को गोविंद बल्लभ पंत जूनियर हाईस्कूल में 83 बच्चों में से 11 छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंचे। इसके अलावा शहीद गिरीश चंद्र कंपोजिट में 153 में से 15 विद्यार्थी, दुर्गा देवी प्राथमिक विद्यालय में 55 में से 16 विद्यार्थी तथा विनोबा भावे कंपोजिट विद्यालय में 118 में से केवल 22 छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंचे। कुल 409 में से 64 विद्यार्थी पहले दिन विद्यालय पहुंचे। गुरुवार को काफी कम संख्या में बच्चे स्कूल पहुंचे।
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कोरोना संक्रमण बढ़ने पर 31 दिसंबर को विद्यालय बंद कर दिए थे। जिससे बच्चों के शिक्षण कार्य पर काफी प्रभाव पड़ा था। अब विद्यालय खुलने पर बच्चों को अध्ययन कार्य कराया जा रहा है।
आशुतोष गुप्ता, प्रधानाध्यापक, गोविंद बल्लभ जूनियर हाईस्कूल, चंदौसी
गुरुवार से विद्यालय खुलने पर बच्चों का अध्ययन कार्य प्रारंभ करा दिया गया। क्योंकि विद्यालय बंद होने से पाठ्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका था। अब रोजाना विद्यालय शिक्षण कार्य कराया जाएगा।
संगीता गौतम, प्रधानाध्यापिका, शहीद गिरीश चंद्र कम्पोजिट विद्यालय, चंदौसी
स्कूल बंद होने के कारण विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर सके। घर पर रहकर जितना अभिभावकों ने पढ़ाया, उतना ही कर पाए। अब विद्यालय खुलने पर बच्चों का शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया है।
अरविंद गुप्ता, प्रधानाध्यापक, दुर्गा देवी प्राथमिक विद्यालय, चंदौसी
घर में हो गए थे बोर, स्कूल पहुंच अच्छा महसूस कर रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदौसी। कोरोना संक्रमण के वजह से लगभग 48 दिन विद्यालय बंद रहे। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे अवकाश के दौरान ऑनलाइन नहीं पढ़ सके। बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी विद्यालय खुलने का इंतजार था। गुरुवार को विद्यालय खुलने पर स्कूल पहुंचे बच्चों को शिक्षकों ने अध्ययन कार्य कराया। बच्चे बोले कि कोरोना संक्रमण में लगातार स्कूल बंद रहने से बोर हो गए थे, अब स्कूल आकर अच्छा लगा है। पहले दिन बच्चों का अपने मित्रों से मिलने व उनका हाल-चाल लेना में निकल गया।
स्कूल बंद होने पर घर पर मन नहीं लगता था। विद्यालय खुलने पर अच्छा महसूस हो रहा है। आज कई दिन बाद अपने सहपाठियों से मिलकर एक-दूसरे का हाल-चाल जाना है।
गुनगुन, छात्रा, चंदौसी
स्कूल बंद होने पर घर से खेलने को घर से बाहर नहीं निकल पाते थे। विद्यालय पहुंच अपनी सहेलियों के साथ समय बिताकर व खेलकर बहुत अच्छा लग रहा है। अब विद्यालय बंद नहीं होने चाहिए।
निधि, छात्रा, चंदौसी
विद्यालय बंद होने से घर पर पढ़ाई करने के बाद खेलने को नहीं मिलता था। घर पर रहकर अपने सहपाठियों की काफी याद आती है। आज विद्यालय स्कूल खुलने पर सभी से मिलकर अच्छा लगा।
नेहा, छात्रा, चंदौसी
घर से ज्यादा विद्यालय में पढ़ाई करना अच्छा लगता है। क्योंकि जो समझ में नहीं आता, उसके विषय में शिक्षिकाओं से पूछ लेती थी। मगर घर पर कोई बताने वाला नहीं था। जिससे परेशानी होती थी।
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पूजा, छात्रा, चंदौसी
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