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पीडब्ल्यूडी के जर्जर घोषित किए विद्यालयों में ही बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चे

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चंदौसी। शहर में पांच परिषदीय विद्यालय जर्जर हालत में है। पीडब्ल्यूडी विभाग भी अपनी रिपोर्ट में करीब चार माह पहले इन विद्यालयों को खंडहर घोषित कर चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने अभी तक इन खंडहर विद्यालयों की इमारत को नहीं गिराया है। इनमें से तीन विद्यालयों के खंडहर भवनों में बच्चे पढ़ रहे हैं। न बच्चों को दूसरे विद्यालय में स्थानांतरित किया गया और न ही दूसरा कक्षा बनाया गया। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं अधिकारी भी लापरवाह बने हुए हैं।
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चंदौसी नगर क्षेत्र में पिछले काफी समय से पांच प्राइमरी स्कूल जर्जर व खंडहर हालत में हैं। विद्यालयों के शिक्षकों ने विभाग से शिकायत की। इस पर बेसिक शिक्षा विभाग ने पीडब्ल्यूडी से विद्यालयों के भवन की रिपोर्ट मांगी थी। पीडब्ल्यूडी ने जुलाई माह में नगर के रवींद्र नाथ टैगोर प्राइमरी स्कूल जारई गेट, रफी अहमद प्राइमरी स्कूल कुरैशियान, गांधी प्राइमरी स्कूल मोहल्ला महाजन, नवीन प्राइमरी स्कूल हनुमानगढ़ी, राजेंद्र प्रसाद प्राइमरी स्कूल फव्वारा चौक की रिपोर्ट में विद्यालयों के भवनों को खंडहर घोषित कर दिया था, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने खंडहर भवनों को नहीं गिराया। अगस्त 2021 से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की स्कूल में कक्षाएं संचालित हो गई थीं। वहीं तीन विद्यालयों में बच्चे खंडहर भवनों में ही पढ़ने को मजबूर हैं। अधिकारी जल्द ही वार्ता कर निर्णय लेने की बात कह रहे हैं।
दो विद्यालयों के बच्चे एक माह पूर्व किए दूसरे विद्यालय में स्थानांतरित
बेसिक शिक्षा विभाग ने करीब एक माह पहले नवीन प्राइमरी विद्यालय हनुमानगढ़ी के बच्चों को नेहरू प्राथमिक कच्चा कटरा व राजेंद्र प्रसाद प्राइमरी स्कूल फव्वारा चौक के बच्चों को गोविंद बल्लभ पंत जूनियर हाईस्कूल फव्वारा चौक में स्थानांतरित कर दिया है।
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तीन विद्यालयों के जर्जर भवनों में शिक्षा ग्रहण कर रहे करीब 200 बच्चे
इन खंडहर पांच विद्यालयों में करीब 300 छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से रवींद्र नाथ टैगोर प्राइमरी स्कूल, रफी अहमद प्राइमरी स्कूल, गांधी प्राइमरी स्कूल के भवन जर्जर होने के बाद भी शिक्षण कार्य किया जा रहा है। इन तीनों विद्यालयों में करीब 200 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
मुझे कार्यभार संभाले हुए अभी छह का समय ही बीता है। शहर क्षेत्र के विद्यालयों की भौतिक स्थिति से पूरी तरह वाकिफ नहीं हूं। मेरे छह माह के कार्यकाल में तीन बीएसए के तबादले हो चुके हैं। इस समय जो बीएसए आई हैं, उनके साथ वार्ता कर विद्यालयों के विषय में निर्णय लिया जाएगा।
शशिवाला, एबीएसए नगर शिक्षा, चंदौसी
विद्यालय के भवन की हालत जर्जर होने के विषय में कई बार विभाग को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। स्कूल का भवन प्राइवेट होने पर मरम्मत का कार्य नहीं कराया जा रहा है। विद्यालय के कक्षों में लिंटर को बल्ली लगाकर रोका गया है।
अजय शर्मा, प्रधान अध्यापक, गांधी प्राइमरी स्कूल, चंदौसी
विद्यालय में कुछ दिन पूर्व जर्जर छत का मलबा गिरा था। जिसकी चपेट में आने से एक छात्र बाल-बाल बच गया था। मगर वह छत का मलबा छात्र के ऊपर गिर जाता है तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। मैंने भी विभाग को विद्यालय की स्थिति के संबंध में लिखित शिकायत भेजी है। मगर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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नीलू सागर, प्रधानाध्यापिका, रविंद्र नाथ टैगोर प्राइमरी स्कूल, चंदौसी
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