मानव शरीर पर प्रतिकूल असर के मद्देनजर इन फिक्स डोज कांबिनेशन ड्रग्स को बैन किया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मेडिकल स्टोर्स से लिए गए दवाओं के नमूने जांच में फेल हो गए हैं। ये नमूने अधोमानक पाए गए हैं। इस पर औषधि निरीक्षक ने मेडिकल स्टोर संचालक और दवा निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने 22 अप्रैल 2016 को संभल के मंडी किशनदास सराय में नेतराम के मेडिकल स्टोर से कैलवीटैक्स स्ट्रांग संस्पेंशन का नमूना लिया था, यह दवा बच्चों में हड्डियां मजबूत करने के काम आती है। इसकी निर्माता कंपनी जीएस इंडस्ट्रीज नोएडा है। नेतराम का मेडिकल स्टोर भी बिना लाइसेंस संचालित मिला था, इसलिए मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ तो कार्रवाई उसी समय कर दी गई थी लेकिन वहां से लिया गया नमूना भी अब जांच में फेल हो गया है। टेस्ट रिपोर्ट में यह दवा सिर्फ 69.5 प्रतिशत पाई गई है, जो अधोमानक है।
इस पर विक्रेता व निर्माता फर्म दोनों को ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके अलावा मुनीम कालोनी (बबराला) से गोविंदराम के गंगा मेडिकल स्टोर से 21 फरवरी को डायक्लोफेनिक सोडियम इंजेक्शन का नमूना लेकर जांच को भेजा गया था।
गुड केयर मेडिको प्रा.लि.सहारनपुर की ओर से निर्मित यह दवा भी जांच में फेल हो गई है। औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने बताया कि दोनों दवाओं के विक्रेता व निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा गया है, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।