सही रीडिंग कराई गई तो बिल बढ़ गए लेकिन लगातार उसी अनुपात में बढ़ी हुई धनराशि के साथ ही आ रहे हैं। विभागीय अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर के लक्ष्मणगंज वारिस नगर के लोगों ने पिछले दिनों कई दिनों तक आंदोलन किया। जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान ने भी उन्हें यही कहकर टाल दिया कि बिजली के बिल सही आ रहे हैं। पहले रीडिंग गलत होने के कारण बिजली की चोरी हो रही थी।
शहर के अधिकांश उपभोक्ताओं के बिजली के बिल बढ़ गए। विद्युत विभाग दो महीने से यही कह रहा था कि पहले गाजियाबाद की एक कंपनी हैंड-टू-हैंड बिलिंग करती थी, उसकी कर्मचारी गलत रीडिंग देकर बिल बना रहे थे। स्टोर रीडिंग के कारण ही अधिक बिल आए हैं। अब कंपनी कर्मियों को हटा दिया गया है।
सवाल यह है कि स्टोर रीडिंग थी तो एक ही महीने बढ़े बिल आने चाहिए थे लेकिन अब हर माह बढ़े बिल आ रहे हैं। हर माह स्टोर रीडिंग कैसे हो सकती है। यह बात लोगों के गले नहीं उतर रही है।
अब पोल खींचे गए तो नहीं रहा खुशी का ठिकाना
संभल। कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद के प्रयास से संभल के फतेहउल्लागंज, मिलक फतेह उल्ला, शाहपुर चमारान, सिसौटा, पंवासा ब्लाक के शहवाजपुर सूरानगला, ढ़कारी, मंडी, मिठौली गांवों में बिजली के पोल लग चुके हैं। लाइनें खींची जा रही हैं। जल्द ही बिजली सप्लाई सुचारू होने से ग्रामीणें में खुशी है। शुक्रवार को इन गांवों के दौरे पर गए सपा के सुहेल इकबाल, हाजी रियाजुल, असगर अली, मुंशी वाहिद, नीटू का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया।
ओवर लोडिंग सेे टांडा कोठी के 60 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित
ओबरी/संभल। ओवरलोडिंग के चलते विद्युत उप केंद्र टांडा कोठी के पांच फीडरों से जुड़े गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित है। किसान से लेकर कारोबारी तक परेशान हैं। इस संकट पर बिजली विभाग क्षमता वृद्धि होने तक इंतजार की बात कर रहा है। अब सवाल यह है कि बिजली न मिलने से हो रही क्षति की भरपाई कौन करेगा। यह सवाल किसानों और कारोबारियों ने उठाया है।
टांडा कोठी विद्युत उपकेंद्र के पांच फीडरों से जुडे करीब 60 गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है।
सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग ममोटा, गुमसानी, असमोली फीडरों पर है। विद्युत उप केंद्र में लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता के मुताबिक मनौटा ,गुमसानी, असमोली को बारी बारी से विद्युतापूर्ति की जाती है। बताया गया है कि सब स्टेशन पर पर लगे 3 तथा 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर 24 अप्रैल 2016 को फुंक गए थे। फुंके ट्रांसफार्मरों को मरम्मत कर बिजली आपूर्ति को सुचारू कर दिया गया था। इसके साथ ही विद्युत उप केंद्र की क्षमता बढ़ाए जाने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है।
लेकिन लिखा पढ़ी होने के चार माह बीत जाने के बाद भी अब तक ट्रांसफार्मरों की क्षमता में बढ़ोतरी नहीं हुई है। जेई जयप्रकाश सागर ने बताया कि तीन एमवीए का एक और ट्रांसफार्मर लगने के बाद पांचों फीडरों से जुडे गांवों को एक साथ विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। जब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदलता है तब तक इंतजार करना पड़ेगा।