पालिका अपनी खाली पड़ी जमीन पर दुकानें बनाना चाहती थी जिसके विरोध में नीरज कश्यप ने सामुदायिक केंद्र बनाने की मांग पर अनशन शुरू कर दिया। छठे दिन विधायक लक्ष्मी गौतम ने मौके पर पहुंचकर जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
समिति के जिलाध्यक्ष नीरज कश्यप ने समाज के लिए पालिका की खाली पड़ी जमीन पर दुकानों के स्थान पर सामुदायिक केंद्र बनाने की मांग की। पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि से बातचीत के बाद जब निष्कर्ष नहीं निकला तो घ21 अगस्त को अनशन की घोषणा कर दी गई। चार दिन बाद नीरज कश्यप की अनशन स्थल पर हालत बिगड़ने की सूचना से आक्रोश बढ़ गया। पांचवे दिन प्रशासन हरकत में आया। छठे दिन चिकित्सकीय टीम ने अनशन स्थल पहुंचकर नीरज कश्यप के स्वास्थ्य की जांच की।
दोपहर को कांग्रेस जिलाध्यक्ष विमलेश कुमारी ने भी अनशन स्थल पर जाकर समर्थन दिया। दिन भर अनशन स्थल पर राजनीति हुई। अपराह्न करीब तीन बजे विधायक लक्ष्मी गौतम, पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि चौधरी चंद्रपाल सिंह समेत अन्य गणमान्य लोगों ने सामुदायिक केंद्र बनाने पर सहमति जताते हुए जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
नव चेतना विकास समिति की नीलम गुप्ता और कांग्रेस की जिलाध्यक्ष विमलेश कुमारी अपने कार्यकर्ताओं के साथ अनशन स्थल पर पहुंची। समर्थन की घोषणा की। प्रेम, कालीचरन, कल्लू, प्रमोद, धीरज, राकेश, नरेश, मुकेश, धर्मदास, हेमराज, अनिल, संजय, पिंकी, विपिन, जितेंद्र, अतुल, अंकुर, रामचंद्र कश्यप, सुनील रस्तोगी, प्रमोद, ब्रजगोपाल, गंगाराम, राजेश शंकर, सौरभ, महीपाल, रामपाल, रमेश, अमर सिंह मौजूद रहे।