चंदौसी थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव गुमथल में चोरी के शक में ग्रामीणों को उठाकर थाने में प्रताड़ना देने के मामले की जांच एसपी ने सीओ चंदौसी को सौंपी है। खास बात यह है कि जांच शुरू होने से पहले ही बनियाठेर पुलिस ने पीड़ित परिवार से समझौता पत्र लिखवा लिया है, जिसमें किसी भी तरह की कार्रवाई न करने की बात कही है।
पीड़ितों के शरीर पर चोट के निशान पुलिस की यातना की गवाही दे रहे हैं। गांव गुमथल निवासी पीड़ित गिरिराज की पत्नी सपना ने बताया कि उन्होंने डीएम व एसपी को शिकायत की थी। शनिवार को थाना बनियाठेर के इंस्पेक्टर आए थे। उन्होंने स्टाॅफ की गलती मानी। साथ ही इस मामले में किसी भी तरह की कार्रवाई न करने की विनती की।
कहा कि वह उसके बड़े भाई है। उसकी हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने मुझसे लिखवाया है कि इस मामले में हम कुछ कार्रवाई करवाना नहीं चाहते हैं। इस मामले की जांच सीओ चंदौसी डॉ. प्रदीप कुमार को जांच के निर्देश दिए हैं। पीड़ित गिरिराज के हाथ में फैक्चर, पैर में चोट है, नाखून दबाए गए हैं।
सुरेश के सिर में चोट के निशान नाखून खींचे गए, रोहताश के पैर में फैक्चर है, शरीर में जगह-जगह नीले निशान पड़े हैं, नाखून दबाए गए हैं। अन्य कालू सुरेश उर्फ शाकाल, राजवीर, पूरनलाल के भी चोट हैं। ये चोट पुलिस यातना की गवाही दे रहे हैं। पांच दिन थाने में यातना देने के बाद पुलिस ने 23 नवंबर को सभी छह आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया था।
बताया था कि सभी लोग आपस में लड़ाई कर रहे थे। उसी में चोट आई है। रोहताश के चाचा मानक चंद ने बताया कि उनके भतीजे को दो पुलिस वाले सादी वर्दी में उठाकर ले गए थे। बैटरी चोरी के मामले में उन्हें मारा पीटा गया। नाखून दबाकर चोरी की बात कबूल कराई है। पुलिस ने शांतिभंग में चालान किया।
पीड़ित रोहताश ने बताया कि उसे रात में पुलिस 11 बजे उठाकर ले गई थी। वह दो दिन पहले ही चंडीगढ़ से आया था। बैटरी चोरी के मामले में मारपीट की थी। गांव निवासी प्रेमवती ने बताया कि पुलिस बैटरी चोरी के शक में उसके देवर गिरिराज को उठाकर ले गई थी। उनके साथ मारपीट की।
दूसरे दिन पुलिस उनके घर आई और उसके पति लेखराज को पकड़ लिया। बोली, कि उनके घर में हथियार हैं। हथियार होने की बात से इंकार करने पर गाली गलौज की। कहा कि उसके देवर गिरिराज ने बताया है। पुलिस सभी लोगों को गांव से ही उठाकर ले गई थी।
पीड़ित गिरिराज ने बताया कि पुलिस ने उसे कई दिन तक उसके साथ लगातार मारपीट की। चोरी की बात कबूल न करने पर एनकाउंटर की धमकी दी थी। बोला था कि वह उसे गोली मार देंगे और मुठभेड़ दिखा देंगे। मुठभेड़ में उसके साथियों को फरार दिखाकर मामले को निटा देंगे।