फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खालसा साजना दिवस के रूप में मनाया गया बैसाखी पर्व

विज्ञापन
संभल के गुरूद्वारा साहिब में वैसाखी पर्व के अवसर पर सबद कीर्तन सुनती संगत। - फोटो : SAMBHAL
विज्ञापन
नगर के गुरूद्वारा श्री गुरूनानक दरबार में बैसाखी पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान कीर्तन दरबार को सजाया गया था। वक्ताओं ने श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज द्वारा इस दिन खालसा पंथ की स्थापना का विस्तार पूर्वक वर्णन किया।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को सर्वप्रथम सुबह दस बजे सुखमनी साहिब पाठ के बाद महान कीर्तन दरबार सजाया गया। इसमें जगमोहन सिंह और उनके साथी रामपुर से आकर कीर्तन और कथा विचारों की संगतों को निहाल किया। दर्शन सिंह परिवार की तरफ से निशान साहिब चोले की सेवा की गई। इस दौरान बताया कि आज के ही दिन सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह महाराज ने पंच प्यारे सजाकर आनंदपुर साहिब में सिख पंथ की स्थापना की थी। इसलिए इस दिन को बैसाखी पर्व को खालसा साजना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। बताया कि बैसाखी नई उमंग, जोश और नई आशाओं का भी पर्व है। किसान अपनी तैयार फसल को घर लाकर गुरु महाराज का धन्यवाद करते हैं और खुशियां मनाते हैं। बताया कि गुरु जी ने जाति धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर खालसा पंथ की स्थापना की। नगर में सुख शांति व आपसी भाईचारे की अरदास ज्ञानी मनमोहित सिंह ने की। दीवान समाप्ति के बाद गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। इसमें वीर खालसा सेवा दल व महिला सुखमनी सोसाइटी ने सहयोग किया। इस दौरान कुलदीप सिंह, हरदीप सिंह, धर्म सिंह, अभीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, रंजीत सिंह, सतपाल सिंह, कुलवीर सिंह, दलजीत सिंह, सुरेंद्र कौर, मोहन कौर, सुखविंदर कौर, सिमरन, सोनिया मदान, रितु गांधी, पूनम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें