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40 भारतीय छात्रों संग आयुषी रोमानिया रवाना

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चंदौसी। यूक्रेन में फंसी बहजोई निवासी आयुषी वार्ष्णेय शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे (भारतीय समयानुसार 11 बजे) अपने 40 भारतीय साथियों के साथ बस से रोमानिया के लिए रवाना हो गई है। करीब 600 किलोमीटर की यात्रा करके दस घंटे के बाद सभी छात्र भारतीय दूतावास पहुंचेंगे। वहां से भारतीय दूतावास के माध्यम से छात्रों को भारत भेजा जाएगा। बताया कि किसी प्रकार का शोर तो नहीं है लेकिन लोगों में भय है।
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बहजोई निवासी एमबीबीएस की छात्रा आयुषी वार्ष्णेय यूक्रेन के टर्नोपिल शहर से बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन का भारतीय दूतावास से सपंर्क होने पर वहां फंसे भारतीय छात्रों को स्वयं से बस की व्यवस्था कर रोमानिया जाने की सूचना मिली। भारतीय समयानुसार करीब 11 बजे वे लोग बस से रोमानिया के लिए रवाना हो गए। टर्नोपिल शहर से यह शहर 600 किमी दूर है। यहां पहुंचने में उन्हें नौ से10 घंटे लगेंगे। बस से उतरकर हम सभी को भारतीय दूतावास पहुंचने का आदेश दिया गया है। इसके बाद भारतीय दूतावास ही भारत भेजने की व्यवस्था करेगा।
खारकीव में हॉस्टल मालिक ने संभाली खाने की व्यवस्था
चंदौसी। रूस की सैन्य कार्रवाई से यूक्रेन के खारकीव में चंदौसी के मेडिकल छात्र अल फहाद समेत 400 भारतीय छात्रों के लिए खाने की व्यवस्था भारतीय मूल के हरियाणा निवासी और हॉस्टल के मालिक हरदीप सिंह कर रहे हैं। हॉस्टल मालिक के सलाह पर ही हम सभी तीन दिन से हॉस्टल के बेसमेंट में हैं।
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बीएन खरकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के मेडिकल का छात्र अलफहाद ने चंदौसी के मोहल्ला सीकरीगेट निवासी अपने पिता मोहम्मद यामीन को बताया कि उसके हॉस्टल में 400 भारतीय छात्र हैं जबकि हरदीप सिंह के ही एक दूसरे निजी हॉस्टल में उसके ग्रुप के 100 छात्र रहते हैं। बृहस्पतिवार की अलसुबह तीन बजे हुए धमाकों के बाद से ही हम सभी को बेसमेंट में रखा गया है। हॉस्टल मालिक किसी तरह की परेशानी नहीं होने दे रहे हैं और मनोबल बढ़ाए हुए हैं। उसके साथ बरेली और मेरठ जिले के भी छात्र हैं। खाने और दैनिक क्रिया से निवृत्त होने के लिए ही हम सब बाहर निकलते हैं।
यूक्रेन में फंसे छात्र व नागरिकों की तलाश में जुटा प्रशासन
चंदौसी। यूक्रेन पर रूस के आक्रामक रुख को देखते हुए वहां फंसे भारतीयों की घर वापसी के लिए शासन ने प्रयास शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन से निर्धारित प्रारूप पर यूक्रेन में रह रहे भारतीयों की सूची मांगी गई है। इस प्रयास से भारतीयों के शीघ्र ही यूक्रेन से वापसी के आसार बढ़ गए हैं। अभी तक केवल मेडिकल की पढ़ाई कर रहे 15 छात्रों की जानकारी प्रशासन को मिली है। आगे के लिए प्रशासन जिले के यूक्रेन में रह रहे सभी भारतीयों की सूची निर्धारित प्रारूप में तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है।
रूस द्वारा बृहस्पतिवार को यूक्रेन पर किए गए हमले के बाद वहां के कई विश्वविद्यालयों में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले 15 छात्रों की सूचना जिला प्रशासन को परिजनों के माध्यम से मिली है। बिगड़ते हालात को देख हुए शासन ने सभी जिलों से यूक्रेन में रह रहे सभी भारतीयों की सूची निर्धारित प्रपत्र पर मांगा है। शासनादेश के बाद जिले के आला अफसर सूचना जुटाने में लग गए हैं।
शासन के निर्देश पर सभी एसडीएम व अधिशासी अधिकारियों से सूचना मांगी गई है। शीघ्र ही जिले के यूक्रेन में फंसे सभी भारतीयों की सूची बनाकर शासन के भेज दी जाएगी।
- सुनील कुमार त्रिवेदी, डिप्टी कलेक्टर, संभल
बेसमेंट में रहने को विवश हैं ओडेसा में रहने वाले विद्यार्थी
जुनावई/चंदौसी। यूक्रेन के ओडेसा में पढ़ाई करने वाले गुन्नौर तहसील के जुनावई गांव निवासी सम्राट यादव पुत्र जयकुमार यादव ने पिता को बताया कि जून 2022 में उसकी पढ़ाई पूरी होनी है। हमले के बाद सभी छात्र हॉस्टल के बेसमेंट में हैं। माहौल शांत देख दो दिन बाद शनिवार को सामान लाने की अनुमति मिली है।
बेटे की परेशानी जान फफककर रो पड़े पिता
संभल। यूक्रेन में फंसे संभल के छात्रों की जितनी मुश्किल बढ़ रही है उतनी ही चिंता संभल में इन छात्रों उनके परिजनों की बढ़ती जा रही है। हालात जान बिलखते परिजन परिजन चाहते हैं कि किसी भी तरह छात्र घर लौट आएं।
यूक्रेन के ऊजहोरोद राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे संभल के गांव सैफ खां सराय निवासी सलमान आलम ने पिता खलील अहमद को बताया कि वह बहुत परेशान है। दो दिन का राशन बचा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल से हटा दिया है जिससे हम सभी बेसमेंट में फर्श पर बैठे हैं। इसके बाद परिजन रो रोकर बेहाल हैं। सलमान के पिता का कहना है कि भारत सरकार मदद करे और उनके बेटे को सुरक्षित भारत तक लाए।
यह छात्र भी हैं यूक्रेन में फंसे
गांव हाजीपुर के मोहम्मद शादमान, गांव मदाला निवासी अदनान, मोहम्मद आतिफ, बदरूद्दीन, गांव जनेटा के मोहम्मद कैस, मोहम्मद शारिक, हयातनगर के मोहम्मद शुऐब, गांव रूकनुद्दीन सराय के मोहम्मद फैजान अशरफ, गांव राया बुजुर्ग निवासी अबुल वकार, गांव सदीरनपुर के मोहम्मद साकिब, शाहबाज आलम, गांव परियावली के मोहम्मद शुऐब और दीपा सराय निवासी छात्रा अरूबा कमर यूक्रेन में फंसे हुए हैं। इन सभी छात्रों के परिजन परेशान हैं।
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