संभल। पवांसा ब्लॉक की दस ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवालय भवन का निर्माण कार्य नहीं होने पर ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिवों ने गांव में बने आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र, किसान सेवा केंद्र और पानी की टंकी के भवन में पंचायत सचिवालय भवन लिखवा कर अस्थाई रूप से संचालन शुरू कर दिया है। जबकि यह भवन जर्जर हैं। इसकी मरम्मत का कार्य ग्राम पंचायत की निधि से करा दिया गया है। जबकि अन्य विभाग के भवनों में पंचायत सचिवालय भवन संचालित करने के लिए संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों से न अनुमति नहीं ली गई और न ही इसकी सूचना दी गई।
प्रदेश सरकार के द्वारा 22 जून को ग्राम सचिवालय भवन प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनाने का आदेश पारित किया गया था। छह महीने बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय नहीं बना पाए। ग्राम पंचायत सचिवों ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को जानकारी दी है कि ग्राम पंचायत की भूमि नहीं है तो कहीं ग्राम पंचायत में धनराशि नहीं है और कहीं विवादित बताया है। जबकि शासन के द्वारा पंचायत सहायक की भी नियुक्ति कर दी गई है।
ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने खानापूर्ति करने के लिए गांव में बने आंगनबाड़ी केंद्र स्वास्थ्य केंद्र किसान सेवा केंद्र और पानी की टंकी के भवनों में पंचायत सचिवालय लिखवा कर अस्थाई रूप से संचालित कर दिया है।
ये हैं अस्थाई रूप से बनाए गए पंचायत सचिवालय
मंगनपुर, शहबाजपुर सूरानगला, सहेरिया अवदालनगर, नूरियो सराय और कैली पतरासी में आंगनबाड़ी केंद्र की रंगाई-पुताई कराने के बाद ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने पंचायत सचिवालय भवन लिखवा दिया है। गांव आढ़ोल और सैफ खां सराय में पंचायत सचिवालय का भवन का निर्माण नहीं होने के बाद ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने गांव में बने किसान सेवा केंद्र भवन की मरम्मत करा पंचायत सचिवालय भवन लिखवा दिया है। ग्राम पंचायत कमालपुर खानूपुरा में आंगनबाड़ी केंद्र को पंचायत सचिवालय बनाने के लिए ग्राम निधि से मरम्मत और रंगाई पुताई का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद पंचायत सचिवालय कर दिया जाएगा। गांव निबौरा में खंडहर हो चुके स्वास्थ्य उपकेंद्र को ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने ग्राम निधि से मरम्मत करा पंचायत सचिवालय बना दिया गया है।
गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र बने हैं, लेकिन बनने के बाद उनके ताले तक नहीं खुले। पंचायत सचिवालय के लिए ग्राम समाज की भूमि नहीं मिलने पर खंड विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत ने आंगनबाड़ी केंद्र को ही पंचायत सचिवालय बनाने के लिए कह दिया था। आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली फिटिंग टाइल्स रंगाई और पुताई ग्राम निधि से कराने के बाद तैयार करा दिया गया है।
मरघूम फात्मा, ग्राम पंचायत शहबाजपुर सूरानगला
अभी नई ग्राम पंचायत बनी है। बजट नहीं आया है। इसीलिए गांव में आंगनबाड़ी केंद्र की रंगाई-पुताई के बाद पंचायत सचिवालय बना दिया गया है। बजट आने के बाद पंचायत सचिवालय भवन का निर्माण कार्य कराया जाएगा। अस्थाई तौर पर पंचायत सहायक को बैठने की व्यवस्था कर दी गई है।
अनीषा, ग्राम प्रधान मंगनपुर
अभी नई ग्राम पंचायत बनी है। धनराशि भी खाते में नहीं आई है। इसीलिए पंचायत सचिवालय भवन का निर्माण नहीं हो पाया है। अस्थाई रूप से गांव में ही बने आंगनबाड़ी केंद्र की रंगाई पुताई के बाद पंचायत सचिवालय भवन लिखवा दिया गया है।
रहनुमा बी, ग्राम प्रधान सहेरिया अवदालनगर
आंगनबाड़ी केंद्र को ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा पंचायत सचिवालय लिखवाने और कार्य कराने के लिए मेरे द्वारा कोई आदेश नहीं दिया गया है। न ही हमारे विभाग को पंचायत विभाग के द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई है। आंगनबाड़ी वर्कर से जानकारी की जाएगी। यदि ऐसा है तो पंचायत विभाग ने गलत किया है। इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी से बात करेंगे।
धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, संभल