नगर में बृहस्पतिवार की सुबह मानसून की पहली बारिश हुई, जिससे मौसम का मिजाज बदल गया। इस बारिश ने जहां किसानों के चेहरों पर रौनक ला दी, वहीं गर्मी से बेहाल लोगों को राहत पहुंचाई है। गर्मी से झुलस रही फसलों के लिए यह अमृतवर्षा साबित हुई।
किसान धान की रोपाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे थे। बृहस्पतिवार की भोर में हुई बारिश से किसान धान की फसल के लिए खेतों को तैयार करने में जुट गए। अब धान की रोपाई में तेजी आएगी। गन्ना, ज्वार, बाजरा व अन्य सभी फसलों को बारिश से लाभ होगा। सिंचाई के अभाव में सूख रही फसलों के लिए बारिश अमृत बनकर बरसी है। जिले में गन्ना, मेंथा, ज्वार बाजरा, मक्का, टमाटर, भिंडी आदि की फसलेें खेतों में खड़ी हैं। भीषण गर्मी के चलते लो-वोल्टेज व बिजली कटौती की समस्या ने किसानों की मुश्किलों को बढ़ा दिया था। नलकूप न चलने से सिंचाई नहीं हो पा रही थी। खेतों में खड़ी फसल सूखने लगी थी। सबसे अधिक नुकसान मेंथा की फसल को रहा था। किसानों को बारिश की सख्त जरूरत थी। बारिश के अभाव में किसानों ने अभी तक धान की रोपाई का काम भी शुरू नहीं किया था। बृहस्पतिवार की भोर में करीब चार बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई। रुक-रुक कर दोपहर दो बजे तक बारिश होती रही।
बृृहस्पतिवार की सुबह साढ़े आठ बजे तक जनपद में 18.5 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश को देखकर किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। सुबह से ही किसान धान की रोपाई में जुट गए। खेतों को तैयार कर धान की पौध लगाने काम शुरू कर दिया है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद का कहना है कि जिले में मानसून की पहली बारिश हुई है। प्री-मानसून में भी बारिश नहीं हुई थी। इस बारिश से वर्तमान में खेतों में खड़ी गन्ना, ज्वार, बाजरा, मक्का, लोभिया व मेंथा की फसल को लाभ होगा।