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सत्यापन के बाद अपात्रों के नाम काट पात्रों को जारी किए जाएंगे राशन कार्ड

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संभल। पात्रों को राशन कार्ड बनवाने के लिए अब भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूर्ति विभाग ने राशन कार्डों का सत्यापन कराकर अपात्रों के राशन कार्डों को काटने का दावा किया है। ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारियों और शहरी क्षेत्रों में ईओ के माध्यम से सत्यापन का कार्य होगा। अपात्रों के जब राशनकार्ड कटेंगे तो फिर पात्रों के राशनकार्ड बनने में आ रही बाधा खत्म होगी और उन्हें राशन कार्ड जारी हो सकेगा।
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संभल जनपद में कुल 3,94,435 राशनकार्ड बने हुए हैं। जिनके लाभार्थी 16,65,890 हैं। इनमें से तमाम लोग अपात्र हैं, जिनके पास ट्रैक्टर से लेकर बाइक तक है। पक्के मकान और सबमर्सिबल भी लगे हुए हैं। राशनकार्ड पात्र धारक की शर्त यह है कि उसके पास न चार पाहिया वाहन हो और न दो पहिया। घर भी पक्का नहीं होना चाहिए और सबमर्सिबल भी नहीं होना चाहिए।
जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी का दावा है कि अब सत्यापन कराकर अपात्रों के राशन कार्डों को निरस्त किया जाएगा। अपात्रों के राशन कार्ड कटने से जहां लाभार्थियों का बोझ खत्म होगा, वहीं पात्रों को अपना राशन कार्ड बनवाने में आसानी होगी।
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डीएसओ का कहना है कि पात्र लोग सिर्फ ऑनलाइन आवेदन करा लें। वह कार्यालयों के चक्कर नहीं काटें क्योंकि तत्काल में उनके राशनकार्ड नहीं बनने हैं। सिर्फ और सिर्फ उन्हें परेशानी उठानी पड़ेगी। पूर्ति विभाग की ओर से सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। नगर क्षेत्र में ईओ और देहात के क्षेत्र में खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से सत्यापन कराया जा रहा है।
वर्ष-2011 की गणना के अनुसार जिले में देहात क्षेत्र में 79 फीसदी और शहरी क्षेत्र में 64 फीसदी आबादी को राशन कार्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित है। चूंकि दस साल बीत गए हैं तो आबादी काफी बढ़ गई है, इसलिए यह अब पूरा हो गया है। इसलिए नए राशनकार्ड नहीं बनने में दिक्कत है। पूर्ति विभाग शहरी क्षेत्र में ईओ और देहात क्षेत्र में खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से सत्यापन करा रहा है। सत्यापन में अपात्रों के राशन कार्ड कटेंगे, जिसके बाद पात्रों के नए राशनकार्ड बनाए जाएंगे। इसलिए पात्रों को अभी परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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नरेंद्र तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी, संभल
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