धनारी/चंदौसी। आगरा मुरादाबाद हाईवे पर बहजोई के लहरावन के पास हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी। इनमें छह लोग एक ही गांव के थे। मौतों के बाद से गांव में शोक की लहर छाई हुई है। ग्रामीण गम में डूबे हैं। दूसरे दिन भी गांव में अधिकांश घरों में चूल्हे तक नहीं जले। मोहल्लों में रह रहकर सिसकियां सुनाई दे रही हैं। मृतक की मां, पत्नी, बहनों के आंसू नहीं रुक रहे हैं। बरात में गए लोगों को देखकर ग्रामीणों के जहन में हादसे की याद बिजली की तरह कौंध जाती हैं।
रविवार की रात बहजोई क्षेत्र में हाईवे पर बरात की खड़ी बस में पीछे से दूसरी बस ने टक्कर मार दी थी। हादसे में गांव छपरा के छह और गांव कुआखेड़ा के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। घटना के दूसरे दिन भी गांव की गलियां खाली नजर आईं। मृतकों के परिजनों के पास कुछ ग्रामीण बैठे दिखाई दिए। रिश्तेदार, ग्रामीण मृतक परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।
गांव की गलियों में निकलो, मृतकों के घर से सिसकियों की आवाजें रास्ते तक सुनाई देती हैं। किसी ने अपना पति खोया, तो किसी मां ने अपना बेटा खो दिया। बहनें एक कोने में बैठीं अलग ही सिसकती नजर आ रही हैं।