चंदौसी। बहजोई क्षेत्र के गांव फतेहपुर शमसोई में मंगलवार को खेतों पर घूमने गए अधिवक्ता को चार लोगों ने तीन गोली मार दी थी। मुरादाबाद के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने घायल अधिवक्ता के शरीर से दो गोली निकाल दी और तीसरी गोली अभी भी पसलियों में फंसी है। अधिवक्ता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही तीन सगे भाइयों सहित चार लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी घर से फरार है।
गांव फतेहपुर शमसोई निवासी अधिवक्ता अमित शर्मा को गोली लगने पर मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनको तीन गोली लगी थी। एक सिर में कनपटी के ऊपर बायीं ओर व दो सीने में लगी थीं। परिजनों का कहना है कि मुरादाबाद अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका ऑपरेशन किया। सर्जरी के बाद दो गोलियों को निकाल लिया। तीसरी गोली में सीने के बीच में लगी है। वह शरीर में पीछे की ओर पसली में फंसी है। अधिवक्ता अमित शर्मा के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि अभी चिकित्सकों ने तीसरी निकालने के लिए ऑपरेशन करने से मना किया है। कुछ दिन के बाद ही ऑपरेशन कर तीसरी गोली निकाली जाएगी। पिता ओमप्रकाश की ओर से गांव निवासी धीर सिंह मौर्य, सगे भाई नंदकिशोर मौर्य, इंद्रपाल मौर्य, छत्रपाल मौर्य के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। बहजोई पिता ने चारों आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सभी आरोपी घर से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
ओमप्रकाश ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके बेटे पर चारों आरोपियों ने हमला किया था। सभी ने गोली चलाई थीं। तीन आरोपियों की गोली शरीर में लगी है, जबकि चौथे आरोपी की गोली चल नहीं पाई और तमंचे में ही फंसी रह गई। पुलिस को मौके से एक तमंचा भी बरामद हुआ है। तमंचे के साथ एक खोखा और एक गोली तमंचे में फंसी हुई मिली है।
चंदौसी। घायल अधिवक्ता अमित शर्मा के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपियों से किसी भी तरह की रंजिश अथवा विवाद नहीं है। उन्होंने बेटे को गोली क्यों मारी, इसका पता नहीं है। आरोपी अपराधी किस्म के हैं तथा गांव में अक्सर विवाद करते रहते हैं।