कारोबारियों ने बताया कि इस वर्ष धनतेरस पर अच्छे कारोबार की उम्मीद है। क्योंकि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पीतल में 20 से 25 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि स्टील के दामों में 10-15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद खासी संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं।
धनतेरस का पर्व शुक्रवार को है इसके लिए बाजार पूरी तरह से सज गए हैं। दुकानों पर नए उत्पाद ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। दुकानों पर ब्रांडेड कंपनियों के बर्तनों के साथ साथ हापुड़, मेरठ और दिल्ली में बने बर्तन भी उपलब्ध हैं।
इस वर्ष बाजार में स्टील की मसालदानी की नई रेंज आई है। इसकी शुरूआत 300 से है। शीशा लगे स्टील के बर्तन आए हैं। जिनका प्रयोग भोजन को रखने के लिए किया जा सकता है। इसी तरह से फोम लाइन केतली 500-550 रुपये, लक्ष्मी-गणेश फैंसी मूर्तियां 70-900 रुपये तक हैं। स्टील गिलास 35 रुपये से 80 रुपये तक हैं। आकर्षक हॉटपॉट 150-700 रुपये में मिल रहे हैं।
संभल। भगवान धनवन्तरि व कुबेर की जयंती शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन को लोग धनतेरस और धन त्रयोदशी के नाम से भी जानते हैं। धनवंतरि को आयुर्वेद का जनक कहा जाता है। वहीं कुबेर को धन का देवता कहा जाता है।
स्कंद पुराण में वर्णन आता है कि आयुर्वेद के जनक महर्षि धनवंतरि समुद्र मंथन के समय अमृत कलश से प्रकट हुए थे। इस दिन धन प्राप्ति के लिए लोग नई वस्तुएं खरीदकर धनवंतरि व कुबेर की पूजा-आराधना करते हैं। इस दिन पीतल व चांदी धातु को खरीदने का महत्व है। ऐसी मान्यता है इस दिन धनवन्तरि और क़ुबेर की पूजा करने से यश, बल, कीर्ति में वृद्घि होती है।