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सैफई के नाम पर अखिलेश के अफसर बने मामू

Fri, 17 Jan 2014 04:27 PM IST
अमर उजाला,मुरादाबाद
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सैफई का तो नाम ही काफी है। हो भी क्यों ना यह सरकार का गांव जो ठहरा। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव यहीं के तो रहने वाले हैं।
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इस गांव का हर शख्स सरकार का करीबी है। अगर कोई इस गांव का नाम भी लेता है तो अफसर उसके प्रति गंभीर हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ बुधवार की रात को।

सैफई का प्रधान बनकर एक रोबीला शख्स सर्किट हाउस में पहुंच गया। अफसरों तक मैसेज पहुंचा। फिर क्या था सर्किट हाउस खुल गया। सेवा में था सर्किट हाउस का पूरा अमला।

कमरा नंबर दस इनके लिए खुला जिसमें वह बारह घंटे से भी ज्यादा वक्त रहे। पर यह जानकर हैरत होगी कि वह शख्स तो वहां का प्रधान था ही नहीं।

पूरा माजरा बुधवार की रात का है। खुद को सैफई का प्रधान बताकर एक शख्स ने डीएम आवास पर फोन किया। दरअसल वह जिलाधिकारी से बात करना चाहता था।

टेलीफोन ड्यूटी ने बताया कि साहब मीटिंग के सिलसिले में लखनऊ गए हुए हैं। इस पर दूसरे अफसरों के नंबर उसने मांगे। खैर कुछ अफसरों के नंबर उसने ले लिए और रात को आठ बजे एक अफसर को फोन करके कहा कि वह सैफई का प्रधान बोल रहा है।
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रात हो गई है लिहाजा सर्किट हाउस में उनके ठहरने का बंदोबस्त किया जाए। अब भला सैफई के प्रधान को कौन मना कर सकता था। खुद को प्रधान बताने वाला यह शख्स रात को बारह बजे के करीब मुरादाबाद पहुंचा तो सर्किट हाउस में पहले ही उसके लिए वीआईपी व्यवस्था हो चुकी थी।

बृहस्पतिवार की बारह बजे तक यह साहब सर्किट हाउस में वीआईपी गेस्ट बनकर रहे।

सैफई के ग्राम प्रधान दर्शन सिंह यादव हैं। हमने जब प्रधान जी से बात करने की कोशिश की तो उनके नाती लालू प्रसाद यादव से बात हुई। लालू प्रसाद का कहना था कि प्रधान पिछले दो महीने से मुरादाबाद की तरफ नहीं गए हैं।
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फिर वह कैसे सर्किट हाउस में ठहर सकते हैं। उनके नाम से कोई गड़बड़ी कर रहा है। कई दूसरे जिलों से भी इस प्रकार की शिकायतें हम लोगों के पास आ चुकी हैं। उन्होंने  तो यहां तक कहा कि उनके नाम से एक अपील प्रकाशित कर दी जाए कि अगर कोई प्रधान जी का नाम लेता है तो उसकी जानकारी तत्काल उन्हें दी जाए।
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