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Saharanpur News: ट्यूबवेल पर मिला युवक का शव, हत्या का आरोप, छह घंटे चला हंगामा

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तल्हेड़ी बुजुर्ग (सहारनपुर)। बेगमपुर गांव के रहने वाले गुरमीत (22) का शव तल्हेड़ी-पनियाली मार्ग स्थित एक खेत में ट्यूबवेल पर पड़ा मिला। पुलिस ने बिना शिनाख्त कराए ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। थोड़ी देर बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिन्होंने दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया। साथ ही इतनी जल्दी शव को पोस्टमार्टम भेजने पर पुलिस चौकी में करीब छह घंटे तक हंगामा किया। दिल्ली-मुजफ्फरनगर हाईवे पर जाम लगाने का भी प्रयास किया। पुलिस ने कई बार भीड़ को खदेड़ा।
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गुरमीत हलवाई के यहां मजदूरी करता था। शनिवार सुबह 11 बजे वह घर से तल्हेड़ी बुजुर्ग-पनियाली मार्ग स्थित एक बैंक्वेट हॉल में काम पर गया था। दोपहर करीब 12 बजे पनियाली मार्ग स्थित एक खेत में ट्यूबवेल पर उसका शव पड़ा मिला। पुलिस मौके पर पहुंची और बिना शिनाख्त कराए ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। आरोप है कि इसके ढाई घंटे बाद पुलिस ने गुरमीत के ही मोबाइल फोन से उसके परिजनों को शव मिलने की जानकारी दी, जिसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण और भीम आर्मी जिलाध्यक्ष शौर्य आंबेडकर सहित कार्यकर्ता तल्हेड़ी पुलिस चौकी पहुंचे और जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
हाईवे पर कई बार जाम लगाने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजने में इतनी जल्दबाजी क्यों की। परिजनों को आने का मौका भी नहीं दिया। आरोप लगाया कि गुरमीत के साथ नहाने गए दो युवकों ने उसकी हत्या की है, जिस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
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चार बहन भाइयों में सबसे छोटा था गुरमीत
मृतक गुरमीत चार बहन भाइयों में सबसे छोटा था। वह एक हलवाई के पास मजदूरी करता था। घर से वह काम पर जाने के लिए निकला था। इसके बाद परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली।
कभी पुलिस चौकी तो कभी सड़क पर आए ग्रामीण
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। दोपहर करीब ढाई बजे से हंगामा शुरू हुआ, जो रात आठ बजे तक चलता रहा। इस दौरान परिजन व ग्रामीण कभी पुलिस चौकी तो कभी सड़क पर आए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

वर्जन
परिवार के लोगों को सूचना देने के बाद ही शव को मोर्चरी भेजा गया था। पुलिस पर सूचना न दिए जाने के आरोप निराधार हैं। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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-शैलेंद्र प्रताप गौतम, सीओ देवबंद
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