सहारनपुर। जनपद में विश्व की सबसे महंगी मशरूम में शामिल कीड़ाजड़ी का उत्पादन करने वाले डॉक्टर विपिन परमार अब युवाओं को भी इसके उत्पादन करने के गुर सिखाएंगे। इसके लिए दो दिवसीय परिचयात्मक और चार दिवसीय एडवांस कोर्स कराया जाएगा।
जनपद मशरूम उत्पादन का हब बनता जा रहा है। जिले में 260 से अधिक इकाइयों में इस समय मशरूम का उत्पादन हो रहा है। कम लागत और बढ़िया मुनाफे के चलते युवाओं का रुझान भी तेजी से मशरूम उत्पादन की ओर बढ़ रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा में रिसर्च साइंटिस्ट रहे डॉक्टर विपिन परमार ने पहली बार मशरूम की कीड़ाजड़ी प्रजाति का उत्पादन जनपद में शुरू किया है। जनवरी माह से इसका उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। बढ़िया भाव के चलते जिले के युवाओं का रुझान अब कीड़ाजड़ी के उत्पादन के प्रति हो रहा है। इसको देखते हुए युवाओं को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र का सहयोग रहेगा। डॉक्टर विपिन परमार ने बताया कि युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा से बायोकेमिस्ट और पैथोलॉजिस्ट भी बुलाए जाएंगे। जिससे युवाओं को कीड़ाजड़ी उत्पादन की पूरी जानकारी दी जा सके।